अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब और बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान पर एक बार फिर जोरदार हमला किया है, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है। यह इस हफ्ते का तीसरा बड़ा सैन्य हमला था और इससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ गई है।
US Central Command (CENTCOM) ने आधिकारिक तौर पर बताया कि ये हमले राष्ट्रपति Donald Trump के आदेश पर किए गए। यह कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा एक कमर्शियल जहाज पर किए गए हमले का जवाब थी।
जहाज पर हमले से शुरू हुआ विवाद
ईरान के IRGC ने Strait of Hormuz से गुजर रहे साइप्रस के मालवाहक जहाज M/V GFS Galaxy को निशाना बनाया था। इस हमले में जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुँचा और एक नागरिक सदस्य लापता हो गया।
इस घटना के बाद अमेरिका के रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने X (ट्विटर) पर लिखा कि ईरान ने गलत चुनाव किया और अब उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।
ईरान में तबाही और कड़ा फैसला
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि दक्षिणी तटीय इलाकों जैसे Bushehr, Asalouyeh और Bandar Abbas में कई धमाके हुए। जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने Strait of Hormuz को अगले आदेश तक बंद करने का ऐलान कर दिया है।
ईरान ने साफ कहा है कि जब तक अमेरिका इस क्षेत्र में हस्तक्षेप बंद नहीं करेगा, तब तक यह जलमार्ग नहीं खुलेगा। ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने अपने पिता की मौत का बदला लेने की बात कही है।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस हफ्ते बुधवार और गुरुवार को हुए अमेरिकी हमलों में 17 लोग मारे गए और 115 लोग घायल हुए।
