अमेरिका ने इराक से अपनी पूरी सैन्य मौजूदगी को खत्म करने का बड़ा ऐलान कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इराकी प्रधानमंत्री Ali al-Zaidi ने संयुक्त रूप से जानकारी दी है कि 30 सितंबर 2026 तक अमेरिकी सैनिक इराक की धरती से पूरी तरह वापस चले जाएंगे। इसके साथ ही इराक में पिछले 23 सालों से जारी अमेरिकी सैन्य अभियान का अंत हो जाएगा।
आर्थिक साझेदारी पर रहेगा ध्यान
अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि अब इराक में सेना की जरूरत नहीं है और दोनों देश अब सैन्य संबंधों के बजाय आर्थिक साझेदारी पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इराकी प्रधानमंत्री ने भी इस फैसले का समर्थन किया है और बताया है कि भविष्य में अमेरिकी कंपनियां इराक में अपना कामकाज जारी रखेंगी। इराक का इरादा तेल, गैस और ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित करने का है।
सुरक्षा से जुड़े कड़े नियम
इस समझौते के तहत इराक ने वादा किया है कि तय समय सीमा के बाद कोई भी सशस्त्र समूह राज्य के नियंत्रण के बाहर काम नहीं करेगा। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने इराक को चेतावनी दी है कि ईरान समर्थित मिलिशिया गुटों का निरस्त्रीकरण करना जरूरी है, क्योंकि इन्हीं गुटों ने अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हमले किए हैं। अमेरिका का ध्यान अब पूरी तरह से ईरान और उसके समर्थित गुटों पर केंद्रित रहेगा।
मौजूदा स्थिति और सुरक्षा इंतजाम
अक्टूबर 2025 में मिली जानकारी के मुताबिक, ज्यादातर अमेरिकी सैनिकों को इराक के Kurdistan क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाएगा। अमेरिका सीरिया में आईएसआईएस (ISIS) से मुकाबले के लिए Erbil को एक प्रमुख केंद्र के रूप में उपयोग करना जारी रखेगा। हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा है, जिसमें इराक के एरबिल में ड्रोन हमला और Strait of Hormuz में अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी जैसी घटनाएं शामिल हैं। अमेरिका ने यह साफ कर दिया है कि इराक के साथ भविष्य के संबंध वहां की सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा करने पर निर्भर करेंगे।
