अमेरिका की जानी-मानी संस्था Center for Strategic and International Studies (CSIS) ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 से ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के कारण अमेरिका के पास मौजूद एयर-डिफेंस मिसाइल का स्टॉक तेजी से खत्म हो गया है। इस स्थिति से अब मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा और भविष्य के किसी बड़े संकट से निपटने की तैयारी पर असर पड़ सकता है।

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मिसाइलों के भंडार में भारी गिरावट

रिपोर्ट के अनुसार, Patriot और THAAD जैसी मिसाइलों के भंडार में बहुत कमी आई है। युद्ध से पहले अमेरिका के पास लगभग 2,330 Patriot इंटरसेप्टर थे, जो अब घटकर 759 से 827 के बीच रह गए हैं। इसी तरह, THAAD इंटरसेप्टर की संख्या भी 452 से गिरकर 234 से 278 के बीच आ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन हथियारों को वापस पुरानी स्थिति में लाने के लिए कम से कम 3 साल का समय लग सकता है।

सरकार का पक्ष और मौजूदा स्थिति

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि अमेरिका के पास हथियारों का भंडार अच्छी स्थिति में है और पर्याप्त मात्रा में गोला-बारूद मौजूद है। हालांकि, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन General Dan Caine ने मिसाइलों की कमी को लेकर चिंता जताई है। हाल ही में 28 जुलाई 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान द्वारा दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया था। वहीं, अमेरिका और सऊदी सेना ने इराक में ईरान समर्थित गुटों पर संयुक्त हमले भी किए हैं। जानकारों का कहना है कि अगर हथियारों की यह किल्लत बनी रहती है, तो आने वाले समय में चीन जैसे बड़े देशों से संभावित विवाद के दौरान सेना की तैयारी पर बुरा असर पड़ सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com