US Missile Crisis: ईरान हमले में अमेरिका ने दागी 1100 से ज्यादा मिसाइलें, अब स्टॉक खाली होने से बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव ने अमेरिकी मिसाइल स्टॉक को बुरी तरह प्रभावित किया है. फरवरी से अब तक 1,100 से ज्यादा लंबी दूरी की मिसाइलें इस्तेमाल हो चुकी हैं. इस वजह से अमेरिका को एशिया और यूरोप से अपने हथियार Middle East में शिफ्ट करने पड़ रहे हैं, जिससे दुनिया के अन्य हिस्सों में सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है.
अमेरिका के पास कौन सी मिसाइलें कम हुई हैं?
- Tomahawk: फरवरी से अब तक 1,000 से ज्यादा टोमाहॉक मिसाइलें चलाई गईं, जो सालाना खरीद से दस गुना ज्यादा है.
- JASSM-ER: इस स्टील्थ मिसाइल का लगभग दो-तिहाई स्टॉक खत्म हो गया है.
- Patriot: हवाई हमलों को रोकने वाली 1,200 से ज्यादा पैट्रियट मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ, जिससे आधा स्टॉक खाली हो गया.
- PrSM और ATACMS: अमेरिकी सेना का पूरा PrSM स्टॉक फरवरी और मार्च के बीच ही खत्म हो गया था.
एशिया और यूरोप पर इसका क्या असर पड़ेगा?
हथियारों की कमी की वजह से अमेरिका ने यूरोप के देशों, खासकर बाल्टिक और स्कैंडिनेवियाई देशों को हथियारों की डिलीवरी में देरी की सूचना दी है. चीन के साथ संभावित टकराव को देखते हुए एशिया-पैसिफिक क्षेत्र से भी हथियार हटाए गए हैं, जिससे ताइवान की सुरक्षा योजनाओं पर असर पड़ सकता है. रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्टॉक को दोबारा भरने में एक से चार साल तक का समय लग सकता है.
अमेरिकी सरकार और रक्षा विभाग का क्या कहना है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हथियारों की कमी की खबरों को खारिज किया और कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त हाई-एंड हथियार हैं. दूसरी ओर, US Navy ने अगले साल के बजट में 785 नई टोमाहॉक मिसाइलों के लिए 3.009 अरब डॉलर की मांग की है. साथ ही, अमेरिका अपनी homeland की सुरक्षा के लिए “Golden Dome for America” नाम का नया सिस्टम तैयार कर रहा है, जो समय से पहले पूरा होने की दिशा में है.