US Missile Stocks Halved: अमेरिका के पास आधे से कम मिसाइलें बचीं, ईरान युद्ध के बीच पेंटागन ने मांगे 67 अरब डॉलर

Aanya11 August 20262 min read71 viewsWorld
US Missile Stocks Halved: अमेरिका के पास आधे से कम मिसाइलें बचीं, ईरान युद्ध के बीच पेंटागन ने मांगे 67 अरब डॉलर

वाशिंगटन डीसी में 11 अगस्त 2026 को यह बात सामने आई कि अमेरिका के पास उसके सबसे आधुनिक मिसाइल स्टॉक का लगभग आधा हिस्सा खत्म हो गया है। इस भारी कमी को पूरा करने के लिए पेंटागन ने सरकार से 67 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि की मांग की है। यह नया खर्च उस 37.5 अरब डॉलर के बजट के अलावा है जो पहले ही ईरान के साथ चल रहे युद्ध में खर्च किया जा चुका है। यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और तब से लगातार हथियारों का इस्तेमाल हो रहा है। अल जज़ीरा इंग्लिश ने विशेषज्ञ रिपोर्टों का हवाला देते हुए इस बड़े खर्च और अमेरिकी रक्षा तैयारी पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई है।

मिसाइल भंडारों में भारी कमी

सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज यानी CSIS और सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेना के पास हथियारों की भारी कमी हो गई है। पिछले सात हफ्तों में प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइलों का कम से कम 45 प्रतिशत हिस्सा इस्तेमाल हो चुका है। इसके अलावा थाड इंटरसेप्टर मिसाइलें 50 प्रतिशत से ज्यादा खत्म हो चुकी हैं और पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइलें भी लगभग 50 प्रतिशत तक खर्च हो चुकी हैं। टोमाहॉक मिसाइलों का करीब 30 प्रतिशत और अन्य मिसाइलों का 20 प्रतिशत से अधिक स्टॉक खाली हो चुका है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि पैट्रियट और थाड हथियारों के स्टॉक को पुराने स्तर पर लाने में कम से कम साल 2029 के मध्य तक का समय लग सकता है, हालांकि पेंटागन का कहना है कि उनके पास अभी के अभियानों के लिए पर्याप्त साधन मौजूद हैं।

रक्षा मंत्री ने की बजट की मांग

रक्षा सचिव Pete Hegseth ने सांसदों से आधिकारिक तौर पर 67 अरब डॉलर की मांग की है ताकि युद्ध के खर्चों को उठाया जा सके और जरूरी हथियार दोबारा जुटाए जा सकें। इससे पहले खर्च किए गए 37.5 अरब डॉलर में सितंबर 2026 तक के वर्तमान और आने वाले खर्च शामिल हैं। यह राशि तेजी से बढ़ी है क्योंकि युद्ध में हथियारों का इस्तेमाल बहुत ज्यादा हो रहा है। पैसे मुख्य रूप से खत्म हुए हथियारों को बदलने और मिसाइल लॉन्च तथा तैनाती के खर्च को संभालने के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। हालांकि अमेरिकी रक्षा उद्योगों के सामने उत्पादन तेज करने में बड़ी मुश्किलें आ रही हैं। टोमाहॉक जैसी आधुनिक मिसाइलों को बनाने में 24 महीने या उससे अधिक का समय लगता है, जबकि युद्ध के दौरान इनका उपयोग बहुत तेजी से हो रहा है जिसे फैक्ट्रियां पूरा नहीं कर पा रही हैं।

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