ओमान के तट पर अमेरिकी मिसाइल हमलों ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इन हमलों में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई, जिसके बाद भारत सरकार ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस घटना ने भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ा दिया है और भारतीय राजनीतिक गलियारों में भी इस पर गुस्सा देखा जा रहा है।
यह पूरा मामला जून के दूसरे हफ्ते का है। 8 जून को अमेरिकी लड़ाकू विमान ने MT Marivex नाम के तेल टैंकर को निशाना बनाया, जिससे उसमें आग लग गई और भारतीय चालक दल को बाहर निकलना पड़ा। इसके बाद 10 जून को Palau झंडे वाले MT Settebello जहाज पर हमला हुआ, जिसमें तीन भारतीय नाविक मारे गए। 11 जून को फिर से Guinea-Bissau झंडे वाले MT Jalveer पर दो हेलफायर मिसाइलें दागी गईं, जिससे जहाज का इंजन रूम खराब हो गया और जहाज बेकार हो गया।
भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio से बात की और साफ कहा कि व्यापारिक जहाजों पर ऐसे जानलेवा हमले बिल्कुल भी सही नहीं हैं। हालांकि, इस बातचीत के बाद अमेरिका की ओर से आए जवाब से भारत संतुष्ट नहीं है। कांग्रेस नेता Manish Tewari ने अमेरिका के रवैये को ‘कठोर’ और ‘आक्रामक’ बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इन मौतों पर कोई अफसोस नहीं जताया है। वहीं, MP Shashi Tharoor ने भी अमेरिकी सरकार के इस रुख पर हैरानी जताई है कि उन्होंने भारतीय जानों के जाने पर कोई संवेदना व्यक्त नहीं की।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन हमलों का बचाव करते हुए इन्हें ‘सटीक स्ट्राइक’ बताया है। अमेरिका का आरोप है कि ये जहाज ईरान के तेल की तस्करी कर रहे थे और अमेरिकी नौसेना के आदेशों का पालन नहीं कर रहे थे। अमेरिका ने दावा किया कि उसने अब तक नौ जहाजों को बेकार कर दिया है और 135 अन्य जहाजों का रास्ता बदला है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा को देखते हुए भारत के बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने एक चेतावनी जारी की है। मंत्रालय ने सभी भारतीय नाविकों को सलाह दी है कि वे विवादित और संघर्ष वाले समुद्री इलाकों से गुजरते समय बहुत अधिक सावधानी बरतें।
इस संकट के बीच भारतीय नौसेना ने एक हाई-रिस्क ऑपरेशन भी चलाया। नौसेना ने MT Olympic Life नाम के कच्चे तेल के टैंकर से एक बिना फटा मिसाइल वॉरहेड निकाला, जिसे सुरक्षित रूप से भारत लाया गया। यह जहाज 26 मई को ओमान के तट पर हमले का शिकार हुआ था।