अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच 23 जुलाई 2026 को ईरान-इराक बॉर्डर पर बड़ा हमला हुआ है। ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत और इराक के बीच स्थित Shalamcheh बॉर्डर क्रॉसिंग पर अमेरिकी मिसाइल गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई है। यह हमला अमेरिका द्वारा लगातार 12वीं रात की गई एयरस्ट्राइक का हिस्सा है।

ℹ: Strait of Hormuz: ईरान की माइंस से टकराया तेल टैंकर, धमाके के बाद लगी आग, तनाव बढ़ा

तनाव के बीच बढ़ते खतरे

अमेरिकी सेना की CENTCOM ने कहा है कि उनका उद्देश्य ईरान की उस ताकत को कम करना है जो क्षेत्रीय जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों और नागरिकों के लिए खतरा बनी हुई है। इसके साथ ही अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण दोबारा हासिल करना चाहता है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर ईरान किसी जहाज पर हमला करता है, तो वे ईरान के पावर प्लांट या पुलों को निशाना बनाएंगे।

ईरान का जवाब और बढ़ती मुश्किलें

ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा है कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए हर हाल में जवाब देगा और किसी भी हमले का सामना करने के लिए तैयार है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 27 जून से जारी इन हमलों में अब तक 53 लोगों की जान जा चुकी है और 592 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा Sirik और Bushehr जैसे शहरों में भी धमाकों की खबर है। विश्व बैंक ने चेतावनी दी है कि अगर यह विवाद लंबा खिंचता है, तो साल 2026 में ग्लोबल आर्थिक विकास दर घटकर सिर्फ 1.3 प्रतिशत रह सकती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.