अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है. अमेरिकी सीनेटर मार्क केली ने दावा किया है कि युद्ध शुरू हुए कुछ ही हफ्ते हुए हैं और अमेरिका के पास हथियारों का स्टॉक खत्म होने लगा है. इस खुलासे के बाद अब दुनिया भर में अमेरिका की सैन्य तैयारी पर चर्चा शुरू हो गई है.

अमेरिका के पास कौन से हथियार खत्म हुए और क्या है खतरा?

एरिजोना के डेमोक्रेटिक सीनेटर Mark Kelly ने एक इंटरव्यू में बताया कि अमेरिका के हथियारों का भंडार बहुत ज्यादा कम हो गया है. उन्होंने बताया कि Tomahawks, ATACMS, SM-3, THAAD और Patriot जैसे जरूरी मिसाइल और राउंड्स की कमी होना वाकई चौंकाने वाला है. सीनेटर के मुताबिक, इन हथियारों को दोबारा जमा करने में कई साल लग सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस कमी की वजह से अमेरिका अब किसी दूसरे बड़े युद्ध, जैसे चीन के साथ टकराव, के लिए तैयार नहीं रहेगा.

UAE, कुवैत और कतर में ड्रोन हमले और तनाव की स्थिति

ईरान और अमेरिका के इस झगड़े का असर खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है. हाल ही में UAE, कुवैत और कतर की हवाई सीमा में ड्रोन घुसने की खबरें आई हैं. कतर के पास एक जहाज में आग भी लगी, जिसका आरोप UAE ने ईरान पर लगाया है. इस बीच Strait of Hormuz में तनाव बहुत ज्यादा है. अमेरिका की CENTCOM ने बताया कि उन्होंने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की है और 61 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला है, जबकि 4 जहाजों को निष्क्रिय कर दिया गया है.

ट्रंप का दावा और ईरान की चेतावनी

इस पूरे मामले पर राष्ट्रपति Donald Trump ने अलग बात कही है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपने 70 प्रतिशत लक्ष्य पूरे कर लिए हैं और वह दो हफ्ते के अंदर ईरान के हर एक टारगेट को तबाह कर सकता है. दूसरी तरफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर उनके तेल टैंकरों या जहाजों पर हमला हुआ, तो वे अमेरिका के बेस पर भारी हमला करेंगे. ईरान ने अपने परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए भी पूरी तैयारी का ऐलान किया है. इस बीच, पाकिस्तान दोनों देशों के बीच शांति प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रहा है. इस युद्ध की अब तक की लागत लगभग 50 अरब डॉलर बताई जा रही है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी सीनेटर ने हथियारों के बारे में क्या कहा?

सीनेटर मार्क केली ने बताया कि ईरान युद्ध के कारण अमेरिका के पास Tomahawks और Patriot जैसे जरूरी हथियारों का स्टॉक खत्म हो गया है और इसे दोबारा भरने में सालों लग सकते हैं.

खाड़ी देशों पर इस युद्ध का क्या असर हुआ?

UAE, कुवैत और कतर की हवाई सीमा में ड्रोन हमले हुए हैं और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर खतरा मंडरा रहा है.

इस युद्ध में अब तक कितना पैसा खर्च हुआ?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच इस युद्ध की अब तक की कुल लागत कम से कम 50 अरब डॉलर तक पहुंच गई है.