अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। US Central Command (CENTCOM) ने साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ उनकी समुद्री नाकेबंदी अब भी जारी है। इस कार्रवाई की वजह से कई देशों के जहाज ईरान के बंदरगाहों तक नहीं पहुँच पा रहे हैं और समंदर में तनाव का माहौल बना हुआ है।

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US ने अब तक कितने जहाजों को रोका और कैसे किया

अमेरिकी सेना ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में जाने वाले जहाजों पर सख्ती शुरू की थी। CENTCOM के मुताबिक, अब तक 58 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला गया है और 4 जहाजों को पूरी तरह बेकार (disable) कर दिया गया है।

  • 8 मई 2026: अमेरिकी सेना ने M/T Sea Star III और M/T Sevda नाम के दो ईरानी तेल टैंकरों को रोका।
  • 6 मई 2026: M/T Hasna नाम के एक और ईरानी जहाज को बेकार किया गया।
  • कैसे हुआ हमला: इन ऑपरेशंस के लिए USS George H.W. Bush और USS Abraham Lincoln जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर्स से F/A-18 Super Hornets विमानों का इस्तेमाल किया गया।
  • तेल का असर: करीब 70 से ज्यादा टैंकर, जिनमें 166 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल है, उन्हें ईरानी बंदरगाहों तक जाने से रोका गया है।

ईरान की चेतावनी और देशों की प्रतिक्रिया

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। IRGC ने कहा कि अगर ईरानी तेल टैंकरों या जहाजों पर हमले जारी रहे, तो वे अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों पर भारी हमला करेंगे।

  • बहरीन को चेतावनी: ईरान की संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के चेयरमैन इब्राहिम अज़ीज़ी ने बहरीन और अन्य छोटे देशों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिका का साथ न दें, वरना Strait of Hormuz उनके लिए हमेशा के लिए बंद हो सकता है।
  • डिप्लोमेसी पर शक: ईरान के विदेश मंत्री सय्यद अब्बास अरागची ने कहा कि अमेरिकी सेना की हरकतों की वजह से अब उनकी बातचीत पर भरोसा करना मुश्किल है।
  • ब्रिटेन की मदद: अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा के लिए ब्रिटेन ने अपना युद्धपोत HMS Dragon इस इलाके में भेजा है।
  • कतर की कोशिश: कतर के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ मुलाकात की ताकि इस युद्ध को खत्म करने का रास्ता निकाला जा सके।

अमेरिकी प्रतिबंध और खुफिया रिपोर्ट

समुद्री नाकेबंदी के साथ-साथ अमेरिका ने आर्थिक मोर्चे पर भी दबाव बनाया है। US ट्रेजरी डिपार्टमेंट के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने 10 लोगों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जो ईरान के ड्रोन और मिसाइल प्रोग्राम में मदद कर रहे थे।

वहीं, CIA की एक गोपनीय रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि ईरान इस समुद्री नाकेबंदी के दबाव को कम से कम तीन से चार महीने तक झेल सकता है। इसके बाद ही ईरान की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर दिखना शुरू होगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिकी नाकेबंदी से सभी जहाजों को परेशानी होगी

नहीं, CENTCOM ने स्पष्ट किया है कि जो जहाज सिर्फ Strait of Hormuz से गुजर रहे हैं और ईरान के बंदरगाहों पर नहीं जा रहे, उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी और उनकी आवाजाही जारी रहेगी।

ईरान इस नाकेबंदी का सामना कितने समय तक कर सकता है

CIA की एक खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान अपनी आर्थिक स्थिति के दम पर इस नाकेबंदी को करीब तीन से चार महीने तक झेल सकता है, जिसके बाद उसे भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ेगा।