US का ईरान पर बड़ा एक्शन, समुद्री नाकाबंदी से रोज़ाना 435 मिलियन डॉलर का होगा नुकसान
अमेरिका ने ईरान के सभी समुद्री रास्तों पर नाकाबंदी शुरू कर दी है। यह कदम 13 अप्रैल 2026 को उठाया गया, जब दोनों देशों के बीच शांति वार्ता पूरी तरह विफल हो गई। वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, तेल और गैस के निर्यात रुकने से ईरान को हर दिन 435 मिलियन डॉलर का भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
नाकाबंदी क्यों की गई और नियम क्या हैं?
अमेरिका के CENTCOM ने बताया कि 13 अप्रैल सुबह 10 बजे से ईरान के सभी बंदरगाहों पर नाकाबंदी लागू हो गई है। यह फैसला तब लिया गया जब इस्लामाबाद में हुई बातचीत में ईरान परमाणु हथियारों को छोड़ने की प्रतिबद्धता नहीं जता पाया। राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ किया कि Strait of Hormuz में आने-जाने वाले जहाजों को रोका जाएगा, लेकिन दूसरे देशों के जहाजों को रास्ता दिया जाएगा जो ईरान के बंदरगाहों पर नहीं जा रहे हैं।
ईरान की प्रतिक्रिया और संभावित खतरे क्या हैं?
ईरान की सेना और IRGC ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अपने सहयोगी हूतियों के जरिए यमन में Bab al-Mandab जलडमरूमध्य को बंद करवा सकता है। वहीं ईरान के वार्ताकार ने चेतावनी दी है कि इस नाकाबंदी का असर अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और पेट्रोल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
नाकाबंदी से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| दैनिक आर्थिक नुकसान | 435 मिलियन डॉलर |
| लागू होने की तारीख | 13 अप्रैल 2026 |
| मुख्य कारण | परमाणु हथियारों पर सहमति न बनना |
| प्रभावित क्षेत्र | Strait of Hormuz और ईरानी बंदरगाह |
| प्रमुख अधिकारी | Donald Trump, JD Vance |