अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता टूटने के बाद तनाव बहुत बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की समुद्री नाकाबंदी का ऐलान किया है। इस खबर के बाद इसराइल ने भी अपनी पूरी सेना को युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या मिडिल ईस्ट में फिर से बड़ा युद्ध शुरू होगा।

अमेरिका ने ईरान के लिए क्या कदम उठाए हैं?

डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि US Navy अब हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही पर पूरा कंट्रोल रखेगी। अमेरिकी सेना उन जहाजों को रोकेगी और उनकी जांच करेगी जिन्होंने ईरान को फीस दी है। ऐसे जहाजों को अंतरराष्ट्रीय पानी में सुरक्षित रास्ता नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, अमेरिका समुद्र में बिछी माइंस को हटाने का काम शुरू करेगा और किसी भी हमले का जवाब बहुत कड़ा देगा।

इसराइल की युद्ध की क्या तैयारी है?

इसराइल ने अपनी सभी सैन्य टुकड़ियों को हाई अलर्ट पर रखा है और सुरक्षा समिति की आपात बैठक बुलाई है। आर्मी चीफ ईयाल ज़मीर ने सभी यूनिट्स को तुरंत तैयार रहने और युद्ध की प्रक्रियाओं को शुरू करने का आदेश दिया है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइल ईरान में मिसाइल लॉन्च सिस्टम और सैन्य ठिकानों की लिस्ट अपडेट कर रहा है ताकि जरूरत पड़ने पर बड़े हमले किए जा सकें।

बातचीत क्यों नाकाम हुई और क्या विवाद था?

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच तीसरी दौर की बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हुई। दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद नीचे दी गई टेबल में दिए गए हैं:

विवाद का मुख्य मुद्दा तथ्य
परमाणु हथियार ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने की शर्त मानने से मना कर दिया
यूरेनियम भंडार ईरान के पास मौजूद समृद्ध यूरेनियम की मात्रा पर असहमति रही
समुद्री रास्ता हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर कंट्रोल को लेकर दोनों देशों में टकराव था