US Naval Blockade: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों को घेरा, तेल की कमाई रुकी, अब हर दिन हो रहा है करोड़ों का नुकसान
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से घेराबंदी कर दी है। इस वजह से ईरान को अपने तेल के कारोबार में बहुत बड़ा घाटा हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान हर दिन लगभग 160 मिलियन डॉलर गंवा रहा है, जिससे वहां की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ता जा रहा है। इस पूरे मामले ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव पैदा कर दिया है।
ईरान को कितना आर्थिक नुकसान हो रहा है?
अमेरिका की इस नाकाबंदी के कारण ईरान की तेल से होने वाली कमाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईरान को हर दिन 160 मिलियन डॉलर से लेकर 435 मिलियन डॉलर तक का नुकसान हो सकता है। ईरान के पास समुद्र में लगभग 190 मिलियन बैरल कच्चा तेल फंसा हुआ है, जिसकी कीमत करीब 15 अरब डॉलर है। अगर यह नाकाबंदी 26 अप्रैल तक जारी रही, तो वहां के तेल के कुओं को भी स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद चल रहा है?
13 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नाकाबंदी शुरू की थी। इसके जवाब में ईरान ने 18 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया। अमेरिका ने ईरान के तेल तस्करी नेटवर्क और हिजबुल्लाह को पैसा पहुंचाने वाले समूहों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की इन हरकतों को आर्थिक आतंकवाद बताया है और इसे राज्य द्वारा की गई ब्लैकमेलिंग कहा है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाकाबंदी शुरू होने की तारीख | 13 अप्रैल 2026 |
| रोज़ाना अनुमानित नुकसान | 160 मिलियन से 435 मिलियन डॉलर |
| फंसे हुए तेल की कीमत | 15 अरब डॉलर |
| होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की तारीख | 18 अप्रैल 2026 |
| मुख्य लक्ष्य | तेल राजस्व और टेरर फंडिंग रोकना |