US Iran Conflict: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी की, रक्षा मंत्री ने दी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है. पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू कर दी है. अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने साफ किया है कि यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक ईरान शांति समझौते को स्वीकार नहीं कर लेता. अमेरिका ने इस पूरे मिशन को Operation Epic Fury का नाम दिया है.
अमेरिका ने ईरान पर क्या पाबंदियां लगाई हैं?
अमेरिकी सेना ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के बंदरगाहों पर समुद्री नाकाबंदी लागू कर दी है. यह फैसला तब लिया गया जब 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बातचीत नाकाम रही. अमेरिका अब ईरान के उन सभी जहाजों पर नजर रख रहा है जो बंदरगाहों से आ या जा रहे हैं. रक्षा मंत्री Pete Hegseth के मुताबिक, इस कार्रवाई का मकसद ईरान की मिसाइल क्षमता और उसकी नौसेना को कमजोर करना है.
अमेरिकी सेना ने इस घेराबंदी का दायरा और बढ़ा दिया है. अब उन सभी जहाजों को रोका जाएगा जिन पर प्रतिबंध लगे हैं या जिनमें गैरकानूनी सामान होने का शक है. अमेरिका का कहना है कि वह ईरान की सैन्य गतिविधियों पर करीब से नजर रख रहा है और किसी भी समय सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है.
होर्मुज जलडमरूमध्य और सैन्य ताकत का क्या हाल है?
Strait of Hormuz यानी होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों में खींचतान चल रही है. अमेरिका ने कहा है कि वह इस रास्ते से गुजरने वाले गैर-ईरानी जहाजों को नहीं रोकेगा, लेकिन वहां अमेरिकी सेना मौजूद रहेगी. दूसरी तरफ, ईरान की Revolutionary Guard Corps ने दावा किया है कि इस रास्ते पर उनका पूरा नियंत्रण है और वे किसी भी अमेरिकी हस्तक्षेप का कड़ा जवाब देंगे.
रूस की सुरक्षा परिषद ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी ताकत काफी बढ़ा ली है. वहां बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक, मरीन और विशेष बल तैनात किए गए हैं. साथ ही, अमेरिकी नौसेना के दो कैरियर ग्रुप भी अरब सागर की तरफ बढ़ रहे हैं, जिससे इलाके में युद्ध का खतरा बढ़ गया है.
महत्वपूर्ण तारीखें और सैन्य तैनाती की जानकारी
इस पूरे विवाद से जुड़ी मुख्य तारीखें और सेना की तैनाती का ब्यौरा नीचे दी गई टेबल में है:
| तारीख/विवरण | घटना या जानकारी |
|---|---|
| 8 अप्रैल 2026 | पाकिस्तान की मदद से अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए युद्धविराम हुआ |
| 12 अप्रैल 2026 | इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल रही |
| 13 अप्रैल 2026 | ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी शुरू हुई |
| 15 अप्रैल 2026 | रूस ने अमेरिकी सेना की भारी तैनाती की चेतावनी दी |
| 16 अप्रैल 2026 | रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने नाकाबंदी जारी रखने की पुष्टि की |
| सैनिक तैनाती | 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक, 2,500 मरीन और 500 से ज्यादा विमान |
| नौसैनिक ताकत | 20 से ज्यादा अमेरिकी जहाज और 2 कैरियर ग्रुप |