अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। सोमवार 13 अप्रैल 2026 से अमेरिकी नौसेना ने ईरान के सभी बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू कर दी है। इस बड़े कदम के बाद ग्लोबल मार्केट में खलबली मच गई है और कच्चे तेल की कीमतें 103 डॉलर के पार चली गई हैं।

ℹ: US ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी का किया ऐलान, तेल की कीमतों में भारी उछाल, 104 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल

अमेरिका ने घेराबंदी क्यों की और इसके नियम क्या हैं?

यह फैसला इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता के फेल होने के बाद लिया गया। अमेरिका के मुताबिक ईरान ने उनके आखिरी प्रस्ताव को नहीं माना। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया कि जो जहाज ईरान को टोल देंगे या बंदरगाहों का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें रोका जाएगा। हालांकि, CENTCOM ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ ईरानी बंदरगाहों पर पाबंदी है और बाकी देशों के जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

ईरान ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?

ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई को पूरी तरह नाकाम बताया है। ईरान की एक्सपीडिएंसी काउंसिल के सदस्य मोहसिन रजाई ने कहा कि उनके पास अभी भी ऐसे बड़े साधन (untapped leverage) हैं, जिससे वे अमेरिका को जवाब दे सकते हैं। वहीं, IRGC ने दावा किया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर उनका पूरा कंट्रोल है और अगर अमेरिकी सैन्य जहाज इस इलाके के करीब आए तो उन्हें सख्ती से निपटा जाएगा।

इस विवाद का दुनिया और बाजार पर क्या असर होगा?

इस तनाव का असर सीधे तौर पर तेल की कीमतों और ग्लोबल व्यापार पर पड़ रहा है, जिससे आम आदमी की जेब पर भी असर पड़ सकता है।

मुख्य बिंदु वर्तमान स्थिति
कच्चा तेल (Oil Price) 103 डॉलर प्रति बैरल के पार गया
नौसेना की हलचल US Navy ने माइन-क्लियरिंग ऑपरेशन शुरू किया
व्यापारिक असर चीन जैसे बड़े व्यापारिक साझेदार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं
क्षेत्रीय तनाव लेबनान में इसराइल के हमले जारी हैं