अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. US Central Command ने ऐलान किया है कि ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी गई है. अब ईरान के बंदरगाहों से कोई भी जहाज सामान लेकर नहीं जा सकेगा और न ही अंदर आ सकेगा. इस फैसले से ईरान की अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगा है.
नाकाबंदी से ईरान पर क्या असर होगा?
CENTCOM कमांडर Admiral Brad Cooper ने बताया कि ईरान की करीब 90 प्रतिशत अर्थव्यवस्था समुद्र के जरिए होने वाले व्यापार पर टिकी है. अमेरिका ने इस व्यापार को पूरी तरह रोक दिया है. यह नाकाबंदी 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे लागू हुई और महज 36 घंटों के अंदर समुद्री व्यापार बंद हो गया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु समझौते पर बातचीत टूटने के बाद यह आदेश दिया था.
किन जहाजों पर पड़ेगा असर और क्या हैं नियम?
यह नाकाबंदी उन सभी जहाजों पर लागू है जो ईरान के बंदरगाहों या तटीय इलाकों में जा रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं. इसमें सभी देशों के जहाज शामिल हैं. हालांकि, CENTCOM ने साफ किया है कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले उन जहाजों को कोई परेशानी नहीं होगी जो ईरान के अलावा दूसरे देशों के बंदरगाहों पर जा रहे हैं. इस पूरे ऑपरेशन को चलाने के लिए अमेरिका ने 10,000 से ज्यादा सैनिक, युद्धपोत और विमान तैनात किए हैं.
दुनिया के देशों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?
| देश/संस्था | प्रतिक्रिया और स्थिति |
|---|---|
| ईरान | नाकाबंदी को गैरकानूनी और समुद्री डकैती बताया, जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी |
| चीन | ब्लॉकैड का कड़ा विरोध किया, कहा कि चीनी जहाज व्यापार जारी रखेंगे |
| भारत | प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से बात की और Strait of Hormuz को खुला रखने पर जोर दिया |
| फ्रांस और ब्रिटेन | समुद्री रास्तों की आजादी पर चर्चा के लिए एक संयुक्त कॉन्फ्रेंस बुलाएंगे |
| US Treasury | 19 अप्रैल को समय सीमा खत्म होने के बाद ईरानी तेल पर कड़े प्रतिबंध लगाएंगे |
