अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने Strait of Hormuz में नौसेना के ज़रिए नाकाबंदी करने का एलान किया है. यह कदम पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति बातचीत टूटने के बाद उठाया गया. इस फैसले से पूरी दुनिया के बाज़ारों में खलबली मच गई है और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है.

अमेरिका ने नाकाबंदी के लिए क्या नियम बनाए हैं?

  • यह नाकाबंदी 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे (EDT) से शुरू होगी.
  • अमेरिकी नौसेना उन सभी जहाजों को रोकेगी जो ईरान के बंदरगाहों की तरफ जा रहे हैं या वहां से वापस आ रहे हैं.
  • जिन जहाजों ने ईरान को टोल दिया है, उन्हें अंतरराष्ट्रीय पानी में ही रोका जाएगा.
  • अमेरिकी सेना ईरान द्वारा बिछाए गए समुद्री माइन्स को नष्ट करने का काम करेगी.
  • CENTCOM ने साफ किया है कि जो जहाज ईरान के बंदरगाहों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, उन्हें रास्ता दिया जाएगा.

बाज़ार और तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा?

इस खबर के आते ही कच्चे तेल की कीमतों में 6 से 8 प्रतिशत की बढ़त हुई और Brent और WTI दोनों 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए. जापान और कोरिया के शेयर बाज़ारों में भी गिरावट देखी गई. बैंकिंग एक्सपर्ट Ajay Bagga ने इसे एक बड़ा तनाव बताया है. उन्होंने कहा कि इस नाकाबंदी से ईरान की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा और वह एक ज़मीनी देश बनकर रह जाएगा, जबकि वहां पहले से ही 48 प्रतिशत महंगाई है.

अमेरिका और ईरान की बातचीत क्यों टूटी?

पाकिस्तान में हुई बातचीत के दौरान अमेरिका और ईरान परमाणु नीति, प्रतिबंधों और Strait of Hormuz के कंट्रोल को लेकर किसी नतीजे पर नहीं पहुँच पाए. राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ज़्यादातर बातों पर सहमति बन गई थी, लेकिन परमाणु मुद्दा सबसे ज़रूरी था जिस पर बात नहीं बनी. वहीं उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि ईरान ने अमेरिका की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया, इसलिए बातचीत बंद कर दी गई.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.