होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन, फ्रांस, जापान और ब्रिटेन जैसे बड़े देशों से यहां अपने युद्धपोत तैनात करने की अपील की है। लेकिन फ्रांस और जापान जैसे प्रमुख देशों ने अमेरिकी सेना के साथ मिलकर काम करने से किनारा कर लिया है। इस बीच जलमार्ग में कमर्शियल जहाजों की आवाजाही 70 से 90 प्रतिशत तक गिर गई है और 150 से ज्यादा टैंकर फंसे हुए हैं।

ईरान ने भारत को दी खास छूट

इस भारी तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत की खबर है। भारत ने ईरान की राजधानी तेहरान के साथ बातचीत करके अपने LPG टैंकरों के लिए एक विशेष पैसेज की छूट हासिल कर ली है। अब भारतीय जहाज इस रास्ते से सुरक्षित निकल सकेंगे, जबकि बाकी पश्चिमी देशों के जहाजों पर रोक लगी हुई है। कमर्शियल जहाज ईरानी हमलों से बचने के लिए अपने AIS सिस्टम पर “CHINA OWNER_ALL CREW” का मैसेज भी दिखा रहे हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजराइल के जहाजों की एंट्री पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है और किसी भी जहाज को गुजरने से पहले ईरान से परमिशन लेनी होगी।

अन्य देशों का रुख और तेल पर असर

अमेरिका की इस अपील पर जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने साफ इनकार कर दिया है और फ्रांस भी सिर्फ अपने डिफेंस के लिए एक अलग मिशन चला रहा है। चीन ने भी इस मामले से दूरी बनाए रखी है और अपनी नौसेना का अलग अभ्यास कर रहा है। इस जलमार्ग के बंद होने से पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है और एक समय यह 126 डॉलर तक चली गई थी। हालात को संभालने के लिए International Energy Agency (IEA) ने 40 करोड़ बैरल तेल अपने रिजर्व से निकाला है। अमेरिकी नौसेना ने अब तक 16 ईरानी जहाजों को नष्ट कर दिया है और मार्च के अंत तक अमेरिका अपने जहाजों की सुरक्षा खुद शुरू कर सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.