ओमान की खाड़ी में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी नौसेना ने 6 मई 2026 को ईरान के एक तेल टैंकर M/T Hasna पर सीधा हमला किया। यह हमला तब हुआ जब जहाज के चालक दल ने अमेरिकी सेना की बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया और अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन किया।

अमेरिकी हमले में क्या हुआ और क्यों हुआ हमला?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि M/T Hasna टैंकर पर हमला इसलिए किया गया क्योंकि वह अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का पालन नहीं कर रहा था। इस ऑपरेशन की खास बातें नीचे दी गई हैं:

  • हमलावर विमान: हमला F/A-18 सुपर हॉर्नेट विमान द्वारा किया गया।
  • बेस: यह विमान USS एब्राहम लिंकन (CVN 72) एयरक्राफ्ट कैरियर से लॉन्च किया गया था।
  • नुकसान: हमले में टैंकर का रडर (स्टीयरिंग सिस्टम) खराब हो गया, जिससे जहाज की दिशा नियंत्रित करना मुश्किल हो गया।

ट्रंप की चेतावनी और ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर ईरान उनके द्वारा प्रस्तावित 14 सूत्रीय ढांचे को नहीं मानता है, तो बमबारी का दौर फिर से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि अगर डील नहीं हुई, तो आने वाले हमले पहले से कहीं ज्यादा तीव्र और बड़े स्तर के होंगे।

इसी बीच, अमेरिकी नौसेना ने 4 मई 2026 को ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया था, जिसका मकसद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में कमर्शियल जहाजों की रक्षा करना था। इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना ने ईरान की छह छोटी नावों को नष्ट कर दिया था। हालांकि, 6 मई को ट्रंप ने इस प्रोजेक्ट में कुछ समय के लिए रोक लगा दी है क्योंकि उन्हें ईरान के साथ समझौते की उम्मीद है।

शांति की कोशिशें और अंतरराष्ट्रीय दबाव

चीन और पाकिस्तान इस तनाव को कम करने में जुटे हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग में ईरान के envoy अब्बास अराघची से मुलाकात की और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को तुरंत खोलने की मांग की। वहीं, अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव रखा है ताकि समुद्री रास्तों को सुरक्षित किया जा सके।

खबरों के मुताबिक, व्हाइट हाउस और ईरान के बीच एक पन्ने का समझौता (MOU) होने वाला है। इस संभावित डील में निम्नलिखित बातें शामिल हो सकती हैं:

  • ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाना।
  • अमेरिका द्वारा कुछ प्रतिबंध हटाना और ईरान के फ्रीज किए गए फंड वापस करना।
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को पूरी तरह खोलना और लेबनान सहित पूरे क्षेत्र में युद्ध खत्म करना।

Frequently Asked Questions (FAQs)

M/T Hasna टैंकर पर हमला क्यों किया गया?

अमेरिकी नौसेना के अनुसार, टैंकर ने बार-बार दी गई चेतावनियों को नहीं माना और ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन किया, जिसके कारण उस पर हमला हुआ।

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित डील में क्या शर्तें हैं?

प्रस्तावित डील में ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन रोकने, अमेरिका द्वारा प्रतिबंध हटाने, फ्रीज फंड वापस करने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को फिर से खोलने की शर्तें शामिल हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.