US Navy ने RTX के साथ किया 22.9 अरब डॉलर का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, टोमाहॉक मिसाइल का उत्पादन होगा तेज़।

Nura Basta17 August 20262 min read58 viewsWorld
US Navy ने RTX के साथ किया 22.9 अरब डॉलर का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, टोमाहॉक मिसाइल का उत्पादन होगा तेज़।

अमेरिका की नौसेना यानी US Navy ने रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनी RTX की सहायक कंपनी Raytheon के साथ एक ऐतिहासिक समझौते पर मुहर लगाई है। यह डील कुल 22.9 billion dollar यानी भारतीय मुद्रा के हिसाब से एक बहुत बड़ी राशि की है, जिसका मुख्य उद्देश्य टोमाहॉक क्रूज मिसाइलों के उत्पादन को तेजी से बढ़ाना है। इस सात साल के बड़े समझौते के तहत हर साल बनने वाली मिसाइलों की संख्या को बढ़ाकर 1,000 से भी ज्यादा किया जाएगा, ताकि अमेरिकी सेना की लंबी दूरी तक मार करने की ताकत को और मजबूत किया जा सके।

उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर

कार्यवाहक नौसेना सचिव Hung Cao ने इस समझौते को औद्योगिक आधार की क्षमता के लिए एक बहुत जरूरी निवेश बताया है। उन्होंने जानकारी दी कि RTX ने साल 2026 के पहले छह महीनों में ही डिलीवरी की रफ्तार को पिछले साल के मुकाबले तीन गुना कर दिया है। ईरान के साथ चल रहे तनाव और संघर्ष के बीच अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का मानना है कि हथियारों के भंडार को मजबूत रखना देश की सुरक्षा के लिए सबसे अहम कदम है। इस बारे में अधिक जानकारी आप Department of War and RTX की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

गोला-बारूद के स्टॉक को लेकर चर्चा

दूसरी तरफ, सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज जैसे कई बड़े थिंक टैंकों ने कम होते हथियारों के स्टॉक को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। हालांकि, देश के राष्ट्रपति Donald Trump ने इन सभी चिंताओं को खारिज कर दिया और साफ किया कि वर्तमान में देश के पास हथियारों का भंडार अभी भी काफी सुरक्षित और गहरा है। इस बारे में पूरी रिपोर्ट आप ANI News के माध्यम से पढ़ सकते हैं। पेंटागन की रणनीति में भी अब बड़ा बदलाव देखा जा रहा है, जहां अब केवल थोड़े समय के लिए स्टॉक भरने के बजाय हथियारों के पूरे इंडस्ट्रियल बेस को लंबे समय तक फैलाने पर काम किया जा रहा है।

बजट में बड़ा प्रावधान

सरकार की तरफ से आने वाले वित्त वर्ष 2027 के बजट प्रस्ताव में भी इस बात पर पूरा जोर दिया गया है। नए बजट में खास तौर पर 3 billion dollar की रकम सिर्फ 785 Tomahawk मिसाइलों को खरीदने के लिए अलग से तय की गई है। इस पूरी योजना का मकसद आने वाले समय में किसी भी तरह की सैन्य कमी से निपटना है और उत्पादन की रफ्तार को लगातार बनाए रखना है ताकि अमेरिकी सेना हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रह सके।

Share:

Comments

Leave a comment