US Navy ने ईरान के खिलाफ कसा शिकंजा, 31 जहाजों को वापस भेजा, तेल टैंकरों पर बड़ी कार्रवाई
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। US CENTCOM ने बताया कि ईरान के खिलाफ चल रही नाकेबंदी के कारण 31 जहाजों को रास्ता बदलकर वापस पोर्ट लौटने को कहा गया है। इनमें से ज्यादातर तेल ले जाने वाले टैंकर थे। इस पूरी कार्रवाई से समुद्री रास्तों पर हलचल मच गई है और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर इसका असर पड़ रहा है।
अमेरिका की इस नाकेबंदी के नियम क्या हैं?
यह नाकेबंदी 13 अप्रैल 2026 से लागू हुई थी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी नौसेना ने इसे शुरू किया। यह नियम उन सभी जहाजों पर लागू है जो ईरान के पोर्ट्स और तटीय इलाकों में जा रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं। हालांकि, जो जहाज सिर्फ रास्ते से गुजर रहे हैं और ईरान नहीं जा रहे, उन्हें रोका नहीं जा रहा है। मानवीय सहायता के लिए आने वाले खाने-पीने और दवाइयों के सामान को जांच के बाद जाने की अनुमति दी गई है।
हाल ही में क्या बड़ी घटनाएं हुईं?
23 अप्रैल को ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तीन जहाजों पर फायरिंग की। इसमें MSC Francesca और Epaminondas को जब्त कर लिया गया, जबकि Euphoria नाम का जहाज तट पर फंस गया। दूसरी तरफ, अमेरिका ने भारत, मलेशिया और श्रीलंका के पास तीन ईरानी टैंकरों को रोका और उन्हें वापस भेज दिया। अमेरिकी नौसेना ने supertanker Dorena को भी पकड़ा, जो नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था और अब उसे वापस पोर्ट ले जाया जा रहा है।
युद्ध विराम के बीच तनाव क्यों बढ़ रहा है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने 22 अप्रैल को ईरान के साथ युद्ध विराम की अवधि बढ़ा दी थी ताकि शांति वार्ता हो सके। लेकिन व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया कि समुद्री नाकेबंदी जारी रहेगी। ईरान का कहना है कि जब तक नाकेबंदी खत्म नहीं होती, तब तक यह युद्ध विराम बेकार है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तब तक नहीं खोलेगा जब तक अमेरिका अपने जहाज वहां से नहीं हटाता। इस मामले में पाकिस्तान दोनों देशों के बीच बीचबचाव करने की कोशिश कर रहा है।