अमेरिकी सेना की CENTCOM ने ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकाबंदी फिर से तेज कर दी है। 14 जुलाई 2026 को दोबारा लागू हुई इस नाकाबंदी के तहत अमेरिकी बलों ने अब तक 12 कमर्शियल जहाजों को उनके रास्ते से हटा दिया है और 2 जहाजों को पूरी तरह से चलने में असमर्थ कर दिया है। सेना का मुख्य उद्देश्य ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों में जहाजों की आवाजाही को रोकना है जबकि Strait of Hormuz को अन्य व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला रखना है।

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घटना का विवरण और ओमान-कतर की भूमिका

24 जुलाई 2026 को ओमान की खाड़ी में मोजाम्बिक के झंडे वाले M/T Lavine जहाज को तब रोका गया जब चालक दल ने चेतावनी के बावजूद नाकाबंदी के नियमों को तोड़ने की कोशिश की। वहीं, 25 जुलाई को M/T Charminar तेल टैंकर की जांच की गई और सब सही पाए जाने के बाद उसे जाने दिया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ओमान और कतर की कोशिशों के बाद अमेरिका ने 13 दिनों से जारी हमलों को रोक दिया है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे एक शांतिपूर्ण रात बताया है और कतर ने 26 जुलाई से समुद्री गतिविधियों को फिर से शुरू करने का एलान किया है।

कानूनी स्थिति और IRGC की प्रतिक्रिया

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने भी जानकारी दी कि उन्होंने दक्षिणी होर्मुज जलडमरूमध्य में गलत रास्ते का इस्तेमाल करने वाले 4 जहाजों को चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाकर रोका है। अमेरिकी नौसेना कॉलेज के विशेषज्ञ Captain Raul (Pete) Pedrozo के अनुसार, अमेरिका की यह नाकाबंदी अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में आती है क्योंकि इसमें नियमों का पालन और प्रभावी निगरानी की जा रही है। युद्ध के दौरान देशों के पास किसी भी दुश्मन या तटस्थ व्यापारी जहाज को रोकने और जांच करने का कानूनी अधिकार होता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.