ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर है। White House ने पुष्टि की है कि 16 जुलाई 2026 से 10,000 से अधिक अमेरिकी नौसैनिक और सैन्य कर्मी ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी को लागू करने में जुट गए हैं। इस बड़े अभियान की कमान Admiral Brad Cooper संभाल रहे हैं, जिसके तहत 20 से ज्यादा जंगी जहाज और सैकड़ों लड़ाकू विमान पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में तैनात किए गए हैं।
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नाकेबंदी और हमले का बढ़ा दायरा
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 14 जुलाई 2026 को इस नाकेबंदी को फिर से लागू करने का आदेश दिया था। इसके तहत हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20% का अतिरिक्त शुल्क तय किया गया है और चेतावनी दी गई है कि नियम तोड़ने वाले ईरानी जहाजों को नष्ट कर दिया जाएगा। अमेरिकी बलों ने तेहरान के करीब कई ठिकानों को निशाना बनाया है और नाकेबंदी तोड़ने के आरोपी एक टैंकर को भी नाकाम कर दिया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान की जवाबी कार्रवाई
ईरान के प्रवक्ता Col. Ebrahim Zolfaghari ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका उनके बुनियादी ढांचे जैसे पुलों और बिजली घरों को निशाना बनाता है, तो ईरान भी क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे पर हमले करेगा। इस दौरान ईरान ने बहरीन, जॉर्डन, कुवैत और खाड़ी के शिपिंग रूटों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। हालांकि, इन तनावों के बीच एक अमेरिकी नागरिक को रिहा किया गया है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप ने सद्भावना का संकेत बताया है। सऊदी अरब और कतर जैसे क्षेत्रीय सहयोगियों ने कमर्शियल जहाजों पर हो रहे इन हमलों की निंदा की है।
