अमेरिका की नेवी ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से नाकेबंदी कर दी है। अमेरिकी सेना ने साफ कहा है कि जो भी जहाज इस घेराबंदी को तोड़ने की कोशिश करेगा, उसका पीछा किया जाएगा और उसे पकड़ा जाएगा। यह बड़ा कदम 13 अप्रैल 2026 से लागू हो चुका है और अब इसका असर समुद्री व्यापार पर दिखने लगा है।

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अमेरिकी नाकेबंदी के मुख्य नियम क्या हैं?

  • यह नियम सभी देशों के जहाजों पर लागू होगा जो ईरान के बंदरगाहों में जा रहे हैं या वहां से बाहर निकल रहे हैं।
  • हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले उन जहाजों को रोका नहीं जाएगा जो ईरान के अलावा दूसरे देशों के बंदरगाहों की तरफ जा रहे हैं।
  • खाना और दवाइयों जैसे जरूरी मानवीय सामान को जांच के बाद जाने की अनुमति दी जाएगी।
  • बिना इजाजत इलाके में आने या जाने वाले किसी भी जहाज को बीच रास्ते में ही रोका और पकड़ा जा सकता है।

ईरान की धमकी और दुनिया की चिंता

ईरान ने इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के सैन्य कमांड सेंटर के प्रमुख अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने यह नाकेबंदी जारी रखी, तो ईरान लाल सागर और ओमान की खाड़ी में व्यापार रोक देगा।

इस तनाव को लेकर ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस लड़ाई से दुनिया भर में तेल और ऊर्जा की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि इस हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता हो सकती है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा होगी।

तारीख/संस्था मुख्य अपडेट
12 अप्रैल 2026 राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाकेबंदी का आदेश दिया
13 अप्रैल 2026 CENTCOM ने सुबह 10 बजे से नाकेबंदी शुरू की
15 अप्रैल 2026 एडमिरल ब्रैड कूपर ने नाकेबंदी को पूरी तरह लागू बताया
16 अप्रैल 2026 अमेरिकी सेना ने जहाजों का पीछा करने की चेतावनी दी
CENTCOM अपडेट अब तक 10 जहाजों को वापस मोड़ा गया है
ईरान की प्रतिक्रिया लाल सागर और खाड़ी में व्यापार रोकने की धमकी दी