US Navy का बड़ा एक्शन, ईरान के बंदरगाहों की की गई नाकेबंदी, अमेरिकी युद्धपोत USS Abraham Lincoln ने संभाला मोर्चा
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है। अमेरिकी युद्धपोत USS Abraham Lincoln अब ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी कर रहा है ताकि वहां आने-जाने वाले जहाजों को रोका जा सके। इस बड़े ऑपरेशन के दौरान अरब सागर में युद्धपोतों को जरूरी सामान और रसद भी पहुँचाई गई है, जिससे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है।
अमेरिकी सेना ने क्या एक्शन लिया और कैसे हो रही है नाकेबंदी?
CENTCOM के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों में नाकेबंदी की है। इस बड़े ऑपरेशन में 10,000 से ज्यादा सैनिक, एक दर्जन से ज्यादा समुद्री जहाज और 100 से ज्यादा विमान शामिल हैं। अमेरिका ने साफ किया है कि यह नाकेबंदी सिर्फ बंदरगाहों के लिए है, न कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के लिए। अब तक 25 कमर्शियल जहाजों को वापस जाने या ईरानी पोर्ट पर लौटने को कहा गया है।
M/V Touska जहाज की जब्ती और ईरान का क्या है कहना?
19 अप्रैल 2026 को अमेरिकी युद्धपोत USS Spruance ने ईरानी जहाज M/V Touska को रोका और जब्त कर लिया। जहाज के इंजन रूम में गोली चलाकर उसे बेकार कर दिया गया, जिसके बाद 31st Marine Expeditionary Unit के सैनिकों ने उस पर कब्जा किया। इस घटना के बाद ईरान ने शांति वार्ता में शामिल होने से मना कर दिया है। ईरान ने इसे हमला बताया है और कहा है कि वह धमकियों के साये में बातचीत नहीं करेगा।
ऑपरेशन से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मुख्य युद्धपोत | USS Abraham Lincoln |
| रसद जहाज | USNS Carl Brashear |
| जब्त जहाज | M/V Touska |
| नाकेबंदी की शुरुआत | 13 अप्रैल 2026 |
| रसद मिलने की तारीख | 18 अप्रैल 2026 |
| जहाज जब्ती की तारीख | 19 अप्रैल 2026 |
| तैनात सैनिक | 10,000 से ज्यादा |
| विमानों की संख्या | 100 से ज्यादा |