USS Rushmore ने अरब सागर में संभाला मोर्चा, ईरान के बंदरगाहों की हुई घेराबंदी, अमेरिका का बड़ा एक्शन

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके समुद्री रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया है। US Central Command ने अरब सागर और ओमान की खाड़ी में नाकेबंदी शुरू की है ताकि ईरान का समुद्री व्यापार रोका जा सके। इस बड़े ऑपरेशन में USS Rushmore जैसे कई शक्तिशाली जहाज तैनात किए गए हैं। यह पूरी कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश के बाद शुरू हुई है।

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अमेरिका ने कैसे की घेराबंदी और कौन से जहाज हैं तैनात?

अमेरिकी सेना ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय इलाकों में नाकेबंदी लागू कर दी है। इस काम के लिए USS Rushmore के साथ-साथ USS Abraham Lincoln और USS Michael Murphy जैसे बड़े युद्धपोत तैनात हैं। इस ऑपरेशन में 10,000 से ज्यादा सैनिक, एक दर्जन से ज्यादा जहाज और 100 से अधिक हवाई जहाज हिस्सा ले रहे हैं।

अमेरिका का कहना है कि यह नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक ईरान के साथ शांति समझौता 100% पूरा नहीं हो जाता। एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक, इस कार्रवाई के 36 घंटों के भीतर ही ईरान का समुद्री व्यापार लगभग पूरी तरह रुक गया था।

नाकेबंदी के नियम क्या हैं और जहाजों पर क्या असर होगा?

इस नाकेबंदी के कारण अरब सागर और खाड़ी क्षेत्र में चलने वाले जहाजों के लिए नियम बदल गए हैं। खासकर जो लोग खाड़ी देशों में रहते हैं या वहां व्यापार करते हैं, उनके लिए यह जानकारी जरूरी है क्योंकि इससे समुद्री रास्तों पर असर पड़ सकता है।

मुख्य बिंदु विवरण
लागू तारीख 13 अप्रैल 2026, सुबह 10 बजे (ET)
प्रभावित क्षेत्र ईरान के सभी बंदरगाह, अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी
मानवीय मदद खाना और दवाई जैसे जरूरी सामान की अनुमति है, लेकिन जांच होगी
अन्य देश गैर-ईरानी गंतव्यों के लिए जहाजों को रास्ता दिया जाएगा
कार्रवाई बिना अनुमति आने वाले जहाजों को पकड़ा या मोड़ा जा सकता है

ईरान का क्या कहना है और अभी क्या हालात हैं?

ईरान ने अमेरिका के इस कदम को पूरी तरह गैरकानूनी बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय और बड़े negotiators ने इसे एक गलत फैसला कहा है। वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अभी भी उनके नियंत्रण में है और उन्होंने इसे फिर से बंद कर दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक लगभग 21 से 23 जहाजों को वापस ईरान की तरफ मुड़ने के लिए कहा गया है। ईरान की नौसेना ने चेतावनी दी है कि जो भी जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेंगे, उन्हें निशाना बनाया जा सकता है। इस तनाव से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है।