अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी और भी सख्त कर दी है. US Central Command ने जानकारी दी है कि पिछले 20 दिनों के भीतर 48 जहाजों का रास्ता बदला गया ताकि ईरान के पोर्ट्स पर लगी पाबंदियों का पूरी तरह पालन हो सके. इस बड़ी कार्रवाई से ईरान के तेल व्यापार और उसकी कमाई पर बहुत बुरा असर पड़ा है.

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अमेरिका की इस घेराबंदी का ईरान पर क्या असर हुआ?

  • जहाजों की स्थिति: US Central Command ने पिछले 20 दिनों में 48 जहाजों को उनके रास्ते से हटाकर दूसरी दिशा में भेजा.
  • आर्थिक चोट: इस नाकाबंदी की वजह से ईरान की करीब 4.8 अरब डॉलर की तेल कमाई रुक गई है.
  • फंसे हुए टैंकर: करीब 31 टैंकर जिनमें 53 मिलियन बैरल तेल था, वे अब बीच रास्ते में फंसे हुए हैं.
  • मुख्य मकसद: पेंटागन के अनुसार इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उस आर्थिक ताकत को खत्म करना है जिससे आतंकवाद को पैसा मिलता है.

अमेरिका और ईरान के अधिकारियों ने इस पर क्या कहा?

CENTCOM के कमांडर Adm. Brad Cooper ने बताया कि यह नाकाबंदी पूरी तरह लागू है और बहुत असरदार साबित हो रही है. दूसरी तरफ, राष्ट्रपति Donald Trump ने कांग्रेस को बताया कि ईरान के साथ युद्ध की स्थिति तो खत्म हो गई है, लेकिन यह नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कोई शांति समझौता नहीं हो जाता. पेंटागन के प्रवक्ता Joel Valdez ने कहा कि यह ऑपरेशन पूरी ताकत से चल रहा है.

वहीं ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई को समुद्री लुटेरों जैसा व्यवहार और पूरी तरह गैरकानूनी बताया है. ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं अगर अमेरिका अपना रवैया बदलता है. ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर उनके बंदरगाहों की सुरक्षा को खतरा हुआ तो फारस की खाड़ी का कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा.

नाकाबंदी से जुड़ी कानूनी बातें और मानवीय नुकसान

यह समुद्री नाकाबंदी 13 अप्रैल 2026 को लागू की गई थी. अमेरिका का कहना है कि किसी भी झंडे वाले जहाज को बिना अनुमति ईरान के बंदरगाहों में जाने या वहां से निकलने की इजाजत नहीं होगी. अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के प्रोफेसर James Kraska के मुताबिक युद्ध के समय ऐसी कार्रवाई कानूनी होती है.

इस पूरे विवाद और युद्ध के बीच इंसानी जानों का भी नुकसान हुआ है. Iranian Merchant Mariners Syndicate के मुताबिक, इस युद्ध की शुरुआत से अब तक कम से कम 44 ईरानी नाविक मारे जा चुके हैं और 29 घायल हुए हैं. इसके जवाब में ईरान की IRGC Navy ने अरब सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने नए नियम लागू करने का ऐलान किया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी क्यों की है?

अमेरिका ने यह नाकाबंदी ईरान की अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाने और आतंकवाद के लिए फंड जुटाने की उसकी क्षमता को खत्म करने के लिए की है. यह कार्रवाई 13 अप्रैल 2026 को शुरू हुई थी.

इस नाकाबंदी से ईरान को कितना आर्थिक नुकसान हुआ है?

पेंटागन के आंकड़ों के मुताबिक ईरान की लगभग 4.8 अरब डॉलर की तेल कमाई रुक गई है और 31 तेल टैंकर जिनमें 53 मिलियन बैरल तेल है, वे फंसे हुए हैं.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com