अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सख्ती बढ़ा दी है। राष्ट्रपति Donald Trump ने आदेश दिया है कि Strait of Hormuz की नाकेबंदी की जाए और उन जहाजों को अंतरराष्ट्रीय पानी में ही रोका जाए जो ईरान को पार करने की फीस दे रहे हैं। यह बड़ा फैसला पाकिस्तान में हुई शांति बातचीत के टूटने के बाद लिया गया है।

अमेरिका ने ऐसा सख्त कदम क्यों उठाया?

राष्ट्रपति Donald Trump ने 12 अप्रैल 2026 को यह आदेश जारी किया। उन्होंने साफ कहा कि जो जहाज ईरान को ट्रांजिट फीस देंगे, उन्हें अब सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा। अमेरिका ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने की तैयारी कर ली थी। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका समुद्र में ईरान द्वारा बिछाई गई माइन्स (mines) को नष्ट करना शुरू करेगा और किसी भी तरह की ईरान की आक्रामकता का जवाब दिया जाएगा।

ईरान की क्या योजना थी और नियम क्या कहते हैं?

ईरान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के हेड Ibrahim Azizi ने 11 अप्रैल को बताया था कि वे जहाजों से ईरानी रियाल में फीस लेने के लिए कानून बना रहे हैं। इस कानून के बाद यह रास्ता पूरी तरह ईरान की सेना के कंट्रोल में होता। वहीं, अंतरराष्ट्रीय कानून (UNCLOS) के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर ट्रांजिट फ्री होना चाहिए। कानूनी जानकारों और White House ने ईरान के इस प्रस्ताव को अंतरराष्ट्रीय नियमों का बड़ा उल्लंघन बताया है।

शिपिंग और तेल बाजार पर क्या होगा असर?

Strait of Hormuz दुनिया का एक बहुत महत्वपूर्ण रास्ता है, जहाँ से दुनिया का लगभग 20% तेल और गैस गुजरता है। अमेरिका पहले से ही ईरान के ‘शैडो फ्लीट’ और तेल बेचने वाली कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगा चुका है। अब नाकेबंदी की इस कार्रवाई से वैश्विक शिपिंग और तेल की कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

तारीख मुख्य घटना
8 अप्रैल 2026 जहाजों से 20 लाख डॉलर तक फीस लेने की खबरें आईं
11 अप्रैल 2026 ईरान ने ट्रांजिट फीस के लिए कानून बनाने का ऐलान किया
12 अप्रैल 2026 Donald Trump ने नाकेबंदी और जहाजों को रोकने का आदेश दिया
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.