अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य ताकत को और मजबूत करने का फैसला किया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने सीबीएस न्यूज (CBS News) को जानकारी दी है कि विमान वाहक पोत George H.W. Bush (CVN-77) अब तैनाती के लिए पूरी तरह तैयार है। यह खबर 7 मार्च 2026 को सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि यह युद्धपोत जल्द ही क्षेत्र के लिए रवाना होगा। इस कदम को खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है।

तैनाती को लेकर क्या है ताजा अपडेट?

रिपोर्ट्स के अनुसार, George H.W. Bush ने अपनी प्रमुख ट्रेनिंग (COMPTUEX) 5 और 6 मार्च के बीच पूरी कर ली है। इस ट्रेनिंग के बाद जहाज को युद्ध की स्थितियों के लिए फिट घोषित किया जाता है। रियर एडमिरल एलेक्सिस वॉकर ने बताया कि यह स्ट्राइक ग्रुप दुनिया भर में बड़े ऑपरेशन्स के लिए तैयार है। यह जहाज वर्जीनिया के नेवल स्टेशन से जल्द ही मिडिल ईस्ट की तरफ चलेगा।

मिडिल ईस्ट में अमेरिका की क्या है योजना?

अगर यह जहाज मिडिल ईस्ट पहुंचता है, तो वहां अमेरिका की नौसैनिक ताकत काफी बढ़ जाएगी। ऐसा होने पर क्षेत्र में एक साथ तीन अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मौजूद होंगे, जिसमें पहले से तैनात USS Gerald R. Ford और USS Abraham Lincoln शामिल हैं। 2003 के इराक युद्ध के बाद यह पहला मौका होगा जब इतनी भारी तादाद में अमेरिकी युद्धपोत एक साथ इस क्षेत्र में मौजूद होंगे। इसका मकसद सऊदी अरब और यूएई जैसे सहयोगी देशों की सुरक्षा और समंदर में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com