खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर तनाव गहरा गया है। 15 जुलाई 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कुराकाओ के झंडे वाले एक तेल टैंकर M/T Belma को रोक दिया। यह टैंकर ईरान के खार्ग द्वीप की ओर जा रहा था, लेकिन चेतावनी को नजरअंदाज करने के बाद अमेरिकी विमान ने हेलफायर मिसाइलों से इसके स्मोकस्टैक पर हमला किया, जिससे जहाज आगे नहीं बढ़ सका।
ℹ: Hormuz Strait तनाव: अमेरिका ने ईरान पर किए ताबड़तोड़ हमले, लगातार चौथी रात सैन्य कार्रवाई जारी.।
अमेरिका ने लगाई है नौसैनिक नाकेबंदी
अमेरिका ने 14 जुलाई 2026 से ईरान जाने वाले या वहां से आने वाले जहाजों के लिए नौसैनिक नाकेबंदी शुरू कर दी है। इस अभियान के पहले 24 घंटों में अमेरिकी बलों ने दो अन्य कमर्शियल जहाजों को भी वहां से हटा दिया है। दूसरी ओर, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र के तेल और गैस निर्यात का फायदा या तो सबको मिलेगा या किसी को नहीं।
तनाव का असर और सैन्य कार्रवाई
अमेरिका ने 15 जुलाई को ही ईरान के उन सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिनसे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को खतरा हो सकता था। इस पूरे घटनाक्रम और बढ़ते तनाव के कारण 15 जुलाई को वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति सतर्क रहने वाली है, क्योंकि इसका सीधा असर शिपिंग और तेल बाजार पर पड़ता है।
