अमेरिकी नौसेना ने ईरान के तेल जहाजों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। समुद्र में तैनात अमेरिकी जहाजों ने एक अरब डॉलर से ज्यादा मूल्य का तेल ले जा रहे टैंकरों को वापस ईरान भेजने पर मजबूर कर दिया। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों पर तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी नौसेना ने ईरान के जहाजों के साथ क्या किया?
TankerTrackers की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना ने हिंद महासागर और अरब सागर में ईरान से जुड़े कई तेल टैंकरों को रोका। इनमें M/V Sevan नाम का जहाज शामिल था जिसे रोककर वापस ईरान भेजा गया। इसके अलावा अमेरिकी रक्षा विभाग (Department of War) ने पुष्टि की कि उन्होंने Majestic X नाम के टैंकर को बीच समुद्र में पकड़ा और उस पर अपनी टीम भेजी। अब तक इस नाकाबंदी के कारण कुल 37 जहाजों का रास्ता बदला गया है।
इस पूरे विवाद में अब तक क्या-क्या हुआ?
- तेल की जब्ती: 26 अप्रैल 2026 को रिपोर्ट आई कि अमेरिका ने हिंद महासागर में करीब 380 मिलियन डॉलर का ईरानी तेल जब्त किया।
- जहाजों की संख्या: US Central Command ने बताया कि उन्होंने 31 जहाजों को वापस लौटने या दूसरे बंदरगाहों पर जाने का आदेश दिया।
- कड़े निर्देश: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली किसी भी नाव को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया है।
- आर्थिक दबाव: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Biesent ने साफ किया कि यह नाकाबंदी ईरान की कमाई के मुख्य जरिया को रोकने के लिए की गई है।
ईरान की इस पर क्या प्रतिक्रिया रही?
ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। ईरानी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी नौसेना की यह नाकाबंदी किसी भी समझौते का उल्लंघन है। ईरान ने अमेरिका द्वारा दिए गए युद्धविराम के प्रस्ताव को बेकार बताया और कहा कि जब तक नाकाबंदी नहीं हटेगी, वे बातचीत की मेज पर वापस नहीं आएंगे।