अमेरिकी नौसेना ने अरब सागर में ईरान से जुड़े एक जहाज M/V Sevan को पकड़ लिया है। US Central Command (CENTCOM) के मुताबिक, एक हेलीकॉप्टर इस जहाज को वापस ईरान ले जा रहा है। यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए समुद्री नाकेबंदी के आदेश के तहत की गई है ताकि ईरान की ऊर्जा बिक्री से होने वाली कमाई को रोका जा सके।

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US Navy ने जहाज को क्यों रोका और अब क्या होगा?

पकड़े गए जहाज M/V Sevan को ईरान के ‘शेडो फ्लीट’ का हिस्सा बताया गया है। यह वह जहाजों का नेटवर्क है जो अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों से बचने के लिए अपनी पहचान छिपाकर तेल की ढुलाई करता है। US Department of the Treasury ने इस जहाज को पहले ही प्रतिबंधित कर रखा था।

  • कार्रवाई: USS Pinckney destroyer से निकले एक हेलीकॉप्टर ने अरब सागर में इस जहाज को इंटरसेप्ट किया।
  • कुल संख्या: Joint Chiefs of Staff के चेयरमैन जनरल डैन केन ने बताया कि अब तक 37 जहाज अमेरिकी नाकेबंदी का पालन कर वापस मुड़ चुके हैं।
  • अन्य घटना: 24 अप्रैल को USS Rafael Peralta ने भी एक ईरानी जहाज को पकड़ा था, जो फिलहाल अमेरिकी हिरासत में है।

ईरान की क्या प्रतिक्रिया है और बातचीत का क्या हुआ?

इस कार्रवाई के बाद ईरान के खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान ने इसे समुद्री लुटेरी और डकैती करार दिया और कहा कि उसकी सेना इस तरह की हरकतों का जवाब देने के लिए तैयार है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की बात भी कही है।

वहीं, डिप्लोमैटिक मोर्चे पर भी तनाव बढ़ गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची के पाकिस्तान से जल्दी चले जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान जाने का अपना दौरा रद्द कर दिया। ट्रंप ने कहा कि जब अमेरिका की स्थिति इतनी मजबूत है, तो बातचीत के लिए 18 घंटे का सफर करना जरूरी नहीं है।