अमेरिका की नेवी ने ईरान के खिलाफ अपनी घेराबंदी और सख्त कर दी है। US Central Command (CENTCOM) के मुताबिक अब तक 44 कमर्शियल जहाजों को वापस मोड़ा गया है। इस पूरे ऑपरेशन में USS New Orleans जहाज और US Marines की अहम भूमिका है ताकि ईरान तक सामान न पहुँच सके।

ईरान की घेराबंदी और नए नियम क्या हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के आदेश पर 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे से ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह नाकेबंदी कर दी गई थी। इस नियम के मुताबिक किसी भी देश का जहाज अगर ईरान के बंदरगाह की तरफ जाएगा तो उसे रोका जाएगा। हालांकि, जो जहाज सिर्फ रास्ता पार कर रहे हैं और ईरान नहीं जा रहे, उन्हें जाने की अनुमति है। जनरल Dan Caine ने साफ कहा है कि अगर कोई इस नियम को नहीं मानेगा तो बल का प्रयोग किया जाएगा।

कितने जहाज रुके और कितना हुआ नुकसान?

CENTCOM की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 44 जहाजों को वापस भेजा जा चुका है। वर्तमान में 41 तेल टैंकर इस घेराबंदी की वजह से बीच में ही फंसे हुए हैं। इन टैंकरों में करीब 69 मिलियन बैरल तेल है, जिसकी कुल कीमत 6 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा बताई जा रही है। इस वजह से ईरान के राजस्व को बड़ा झटका लगा है।

ऑपरेशन में कौन-कौन से जहाज शामिल हैं?

इस नाकेबंदी को लागू करने के लिए US Navy ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। इसमें USS New Orleans के अलावा USS Spruance, USS Pinckney और USS Rushmore जैसे युद्धपोत शामिल हैं। साथ ही USS George HW Bush और USS Abraham Lincoln जैसे विमानवाहक जहाज भी तैनात हैं। Secretary of War Pete Hegseth ने बताया कि यह घेराबंदी अब और मजबूत हो गई है और ओमान की खाड़ी से लेकर खुले समुद्र तक फैली हुई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी क्यों की?

राष्ट्रपति Trump के आदेश पर ईरान के बंदरगाहों तक सामान और सैन्य सामग्री की आवाजाही रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

क्या सभी जहाजों को रोका जा रहा है?

नहीं, सिर्फ उन जहाजों को रोका जा रहा है जो ईरान के बंदरगाहों की तरफ जा रहे हैं। अन्य देशों के पारगमन जहाजों को रास्ता दिया जा रहा है।