United States ने अरब खाड़ी (Arabian Gulf) में अपने एक बहुत महंगे और आधुनिक MQ-4C Triton ड्रोन के हादसे की पुष्टि की है। यह हाई-एल्टीट्यूड निगरानी ड्रोन समुद्री इलाकों में जासूसी और निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता था। अमेरिकी नौसेना की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह ड्रोन तकनीकी कारणों से क्रैश हो गया और इसमें भारी वित्तीय नुकसान हुआ है।

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ड्रोन हादसे की मुख्य बातें क्या हैं?

यह हादसा 9 अप्रैल, 2026 को हुआ, जिसकी आधिकारिक पुष्टि 14-15 अप्रैल को United States Naval Safety Command ने की। अमेरिकी नौसेना ने इसे “क्लास ए mishap” के रूप में वर्गीकृत किया है। नियमों के मुताबिक, जब किसी हादसे में 2 मिलियन डॉलर से ज़्यादा का नुकसान होता है या किसी की जान जाती है, तो उसे इस श्रेणी में रखा जाता है। इस ड्रोन की कुल कीमत करीब 238 से 250 मिलियन डॉलर यानी लगभग 2000 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

क्या ईरान ने ड्रोन को मार गिराया था?

शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि ईरानी सेना ने इस ड्रोन को मार गिराया, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात को पूरी तरह खारिज कर दिया है। नौसेना ने साफ किया कि ड्रोन “क्रैश” हुआ था और किसी दुश्मन की कार्रवाई का कोई आधिकारिक सबूत नहीं मिला है। हादसे से पहले ड्रोन के ट्रांसपोंडर ने आपातकालीन कोड 7700 और 7400 भेजे थे, जिसके बाद इसकी ऊंचाई 50,000 फीट से तेजी से घटकर 10,000 फीट से नीचे चली गई थी।

ड्रोन किस मिशन पर था और अब क्या स्थिति है?

यह MQ-4C Triton ड्रोन अरब खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य की निगरानी कर रहा था और इटली के नेवल एयर स्टेशन सिगोनेला की तरफ लौट रहा था। क्योंकि यह एक मानव रहित विमान था, इसलिए इस हादसे में किसी भी कर्मी को चोट नहीं आई। सुरक्षा कारणों से हादसे की सटीक जगह को गुप्त रखा गया है, ताकि दुश्मन ताकतें इसके मलबे और तकनीक तक न पहुंच सकें।

विवरण जानकारी
ड्रोन का मॉडल MQ-4C Triton (नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन)
हादसे की तारीख 9 अप्रैल, 2026
अनुमानित कीमत 238 से 250 मिलियन डॉलर
हादसे का प्रकार क्लास ए mishap (क्रैश)
मिशन क्षेत्र अरब खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य