दुनिया की तेल सप्लाई को लेकर एक बड़ी खबर आई है. Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए अमेरिकी नौसेना ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है. इससे पहले अमेरिका की बड़ी तेल कंपनियों ने चेतावनी दी थी कि अगर यह रास्ता बंद रहा तो पूरी दुनिया में ऊर्जा का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा.

तेल कंपनियों ने क्या चेतावनी दी थी?

अमेरिका की तीन सबसे बड़ी तेल कंपनियों Exxon Mobil, Chevron और ConocoPhillips के CEOs ने इस हालात पर गहरी चिंता जताई थी. Exxon के CEO Darren Woods ने कहा था कि अगर बाजार में सट्टेबाजी बढ़ी तो तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं और ईंधन की कमी हो सकती है. वहीं Chevron के CEO Mike Wirth ने बताया कि Strait of Hormuz का बंद होना उनके लिए सबसे बड़ा संकट है क्योंकि इससे बाजार पूरी तरह अनिश्चित और अस्थिर हो जाता है.

रास्ता खोलने के लिए अब तक क्या हुआ?

12 अप्रैल 2026 को US Central Command ने ऐलान किया कि अमेरिकी नौसेना ने रास्ता खोलने के लिए शुरुआती ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं. इससे एक दिन पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी सेना ने रास्ते को “साफ” करने का काम शुरू कर दिया है. इस बीच इस्लामाबाद में अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान के बीच अहम बातचीत हुई, जिसमें इस रास्ते को खोलने को लेकर काफी बहस हुई.

UAE और अन्य देशों का क्या कहना है?

UAE की सरकारी तेल कंपनी ADNOC के CEO सुल्तान अहमद अल जाबेर ने स्पष्ट किया था कि Strait of Hormuz अभी खुला नहीं है और ईरान इसे नियंत्रित कर रहा है. ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे कई देशों ने ईरान के इस कदम की निंदा की. इन देशों ने एक साझा बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और ऊर्जा सप्लाई चेन में रुकावट पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.