US Navy ने ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) में ईरान के एक मालवाहक जहाज ‘Touska’ को ज़बरदस्ती अपने कब्जे में ले लिया है। डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि यह जहाज अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था। इस कार्रवाई के बाद मिडिल ईस्ट के समुद्री रास्तों पर तनाव काफी बढ़ गया है और हालात बिगड़ते नज़र आ रहे हैं।

अमेरिकी नौसेना ने कैसे की कार्रवाई?

जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी युद्धपोत USS Spruance ने ईरानी जहाज ‘Touska’ को कई बार चेतावनी दी थी। करीब 6 घंटे तक चेतावनी को नजरअंदाज करने के बाद, अमेरिकी नौसेना ने जहाज के इंजन रूम में गोले दागे जिससे उसकी रफ्तार रुक गई। इसके बाद US Marines ने जहाज पर चढ़कर उसका नियंत्रण ले लिया। यह जहाज अमेरिकी खजाने विभाग (US Treasury) की प्रतिबंध सूची में था और अवैध गतिविधियों में शामिल बताया गया है।

ईरान की प्रतिक्रिया और मौजूदा हालात

ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई को ‘सशस्त्र समुद्री डकैती’ बताया है और जल्द ही इसका जवाब देने की चेतावनी दी है। ईरान ने पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता में शामिल होने से भी मना कर दिया है। ईरानी मीडिया का दावा है कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी युद्धपोतों पर ड्रोन हमले किए हैं। इस बीच खबर है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है, जो दुनिया भर के तेल व्यापार के लिए बहुत ज़रूरी रास्ता है।

मुख्य जानकारी विवरण
जहाज का नाम Touska (ईरानी ध्वज)
घटना की जगह Gulf of Oman
अमेरिकी युद्धपोत USS Spruance
कार्रवाई की तारीख 19-20 अप्रैल 2026
मुख्य कारण नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश
ईरान का आरोप समुद्री डकैती और युद्धविराम का उल्लंघन

यह पूरी घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा दो हफ्ते का युद्धविराम 22 अप्रैल 2026 को खत्म होने वाला है। इस घटना के बाद अब इस समझौते को आगे बढ़ाने की उम्मीदें बहुत कम हो गई हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com