अमेरिका की नेवी के कई जहाजों ने 11 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz को पार किया। एक अमेरिकी अधिकारी ने Axios को बताया कि इस रास्ते से गुज़रने के लिए ईरान के साथ कोई बातचीत या तालमेल नहीं किया गया था। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है और शांति के लिए बातचीत चल रही है।

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अमेरिका ने बिना बताए रास्ता क्यों पार किया?

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेशनल कानून (UNCLOS) के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुज़रने का अधिकार सबको है और इसे रोका नहीं जा सकता। अमेरिका इसे अपना कानूनी हक मानता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही साफ़ किया था कि Strait of Hormuz को जल्द ही पूरी तरह खोलना होगा और यह किसी भी शांति समझौते की मुख्य शर्त है।

ईरान की क्या शर्तें हैं और क्या है दिक्कत?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि रास्ता खोलने में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यह दिक्कत असल में उन समुद्री माइन्स (mines) को हटाने की है जो ईरान ने वहां बिछाए थे। इसके अलावा खबर है कि ईरान इस रास्ते से गुज़रने वाले जहाजों से टोल टैक्स भी वसूल रहा है, जिसे अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानता है।

शांति वार्ता और जहाजों की ताज़ा जानकारी

फिलहाल पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच शांति बातचीत चल रही है, जिसमें उपराष्ट्रपति JD Vance शामिल हैं। जहाजों की जानकारी के मुताबिक, 11 अप्रैल को USS Michael Murphy नाम का डिस्ट्रॉयर जहाज रडार पर देखा गया, जो 43 दिनों तक अपनी लोकेशन छुपाने के बाद अब आगे बढ़ रहा था।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.