गल्फ ऑफ ओमान में 1 मार्च 2026 को भारी तनाव देखा गया है। अमेरिकी सेना (US Central Command) ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि उन्होंने ईरान के प्रमुख जंगी जहाज ‘Jamaran’ को हमले में नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई ‘Operation Epic Fury’ के तहत की गई है। बताया जा रहा है कि ईरानी जहाज ने पहले अमेरिकी बेड़े पर ड्रोन से हमला करने की कोशिश की थी, जिसके जवाब में अमेरिका ने यह सख्त कदम उठाया है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।

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हमले में कितना नुकसान हुआ और कितने लोग मारे गए?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह झड़प तब शुरू हुई जब ईरानी जहाज ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक अमेरिकी स्ट्राइक ग्रुप पर सुसाइड ड्रोन छोड़ा। इसके तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई की। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘Jamaran’ फ्रिगेट चाबहार पोर्ट के पास डूब गया है।

इस खतरनाक झड़प में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है:

  • ईरान: Jamaran जहाज पूरी तरह नष्ट हो गया है। उस पर सवार लगभग 80 क्रू मेंबर्स के मारे जाने की आशंका है क्योंकि जहाज बहुत तेजी से डूबा।
  • अमेरिका: इस ऑपरेशन के दौरान 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 5 गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

तेल सप्लाई और आम लोगों पर इसका क्या असर होगा?

इस घटना का सीधा असर गल्फ से होने वाले तेल व्यापार पर पड़ा है। मौजूदा हालात को देखते हुए कम से कम 150 कच्चे तेल और LNG के टैंकरों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाहर लंगर डाल दिया है। यानी समंदर में जहाजों का जाम लग गया है। गल्फ देशों में काम करने वाले या रहने वाले लोगों के लिए यह चिंता की बात है, क्योंकि अगर रास्ता नहीं खुला तो जरूरी सामान और तेल की सप्लाई बाधित हो सकती है।

रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की इस कार्रवाई की निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। वहीं, जानकारों का मानना है कि ‘Jamaran’ जहाज का डूबना ईरान की समुद्री ताकत के लिए एक बड़ा झटका है। फिलहाल, कमर्शियल शिपिंग पूरी तरह से ठप होती नजर आ रही है।