अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी पकड़ मज़बूत कर ली है। अरब सागर में USS Abraham Lincoln विमान वाहक पोत अब नाकाबंदी के ऑपरेशंस को लीड कर रहा है। इस कार्रवाई से ईरान के समुद्री व्यापार पर बड़ा असर पड़ा है और अमेरिकी सेना ने इलाके में कड़े इंतजाम किए हैं।

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नाकाबंदी का क्या है पूरा मामला और किन रास्तों पर है असर?

US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि यह नाकाबंदी खासतौर पर ईरान के बंदरगाहों और तटों के लिए की गई है। अमेरिकी सेना ने साफ किया है कि Strait of Hormuz को इस घेराबंदी से बाहर रखा गया है ताकि दुनिया का व्यापार न रुके। यह नियम उन सभी जहाज़ों पर लागू है जो किसी भी देश के हों और ईरान के तटों पर जा रहे हों या वहां से आ रहे हों। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को बहुत असरदार बताया है और कहा है कि कोई भी जहाज़ अमेरिकी नौसेना के सामने से गुज़रने की हिम्मत नहीं कर रहा है।

अमेरिकी सेना की ताकत और ईरान के व्यापार पर क्या हुआ असर?

एडमिरल ब्रैड कूपर के मुताबिक, इस नाकाबंदी के शुरू होने के मात्र 36 घंटों के भीतर ईरान का लगभग 90% समुद्री व्यापार रुक गया। इस पूरे ऑपरेशन में 10,000 से ज़्यादा अमेरिकी सैनिक, एक दर्जन से ज़्यादा युद्धपोत और 100 से ज़्यादा विमान तैनात किए गए हैं। USS Abraham Lincoln के साथ USS Delbert D Black और USS Spruance जैसे जहाज़ भी इस काम में जुटे हैं। विमान वाहक पोत पर F-35C स्टील्थ फाइटर्स और F/A-18 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान मौजूद हैं जो आसमान से नज़र रख रहे हैं।

विवरण जानकारी
मुख्य पोत USS Abraham Lincoln (CVN 72)
शुरू होने की तारीख 13 अप्रैल 2026
टारगेट ईरान के पोर्ट्स और कोस्टलाइन
कुल सैनिक 10,000 से ज़्यादा
कुल विमान 100 से ज़्यादा
मुख्य कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर
व्यापार पर असर 90% समुद्री व्यापार बंद

समुद्र में चलने वाले जहाज़ों को सलाह दी गई है कि वे नोटिस टू मेरिनर्स के मैसेज देखते रहें और अमेरिकी नौसेना से संपर्क बनाए रखें। हालांकि, CENTCOM का दावा है कि कोई भी ईरानी जहाज़ नाकाबंदी नहीं तोड़ पाया, लेकिन कुछ सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर कुछ जानकारों ने इस बात पर शक जताया है कि कुछ टैंकर अभी भी निकल रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.