US Navy Update: मिडिल ईस्ट लौटा अमेरिका का विमानवाहक पोत USS Gerald Ford, साथ में आए दो शक्तिशाली युद्धपोत
अमेरिका का सबसे शक्तिशाली विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford एक बार फिर मिडिल ईस्ट पहुंच गया है। यह पोत अपने साथ दो डिस्ट्रॉयर युद्धपोत USS Mahan और USS Winston S. Churchill को लेकर आया है। यह खबर उस समय आई है जब ईरान के साथ तनाव काफी बढ़ गया है और क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
USS Gerald R. Ford के लौटने की क्या है वजह?
यह पोत 19 अप्रैल 2026 को स्वेज नहर से होते हुए लाल सागर में दाखिल हुआ। इससे पहले 12 मार्च 2026 को इसके लॉन्ड्री एरिया में आग लगने के कारण इसे मरम्मत के लिए भूमध्य सागर जाना पड़ा था। अमेरिकी नौसेना ने 2 अप्रैल को बयान जारी कर बताया था कि मरम्मत का काम पूरा हो गया है और पोत जल्द ही वापस लौटेगा।
कितने समय से तैनात है यह अमेरिकी पोत?
USS Gerald R. Ford जून 2025 से अपनी तैनाती पर है। इसने 295 दिनों तक लगातार समुद्र में रहकर वियतनाम युद्ध के बाद का सबसे लंबा रिकॉर्ड बनाया है। हालांकि, इतने लंबे समय तक ड्यूटी करने की वजह से क्रू मेंबर्स की मानसिक सेहत और उनके निजी जीवन पर असर पड़ा है। अमेरिकी सीनेटर टिम केन ने इस मुद्दे पर नौसेना के अधिकारियों से सवाल भी उठाए हैं।
मिडिल ईस्ट में अमेरिका की क्या तैयारी है?
क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत रखने के लिए अमेरिका ने कई पोत तैनात किए हैं। फिलहाल USS Abraham Lincoln अरब सागर में मौजूद है और USS George H.W. Bush भी जल्द ही यहां पहुंचने वाला है। यह कदम तब उठाया गया है जब ईरान ने फिर से हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। इस बीच अमेरिकी अधिकारी बातचीत के लिए पाकिस्तान की यात्रा कर रहे हैं।
इस पूरे ऑपरेशन से जुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई तालिका में देखें:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मुख्य विमानवाहक पोत | USS Gerald R. Ford (CVN 78) |
| साथ आए युद्धपोत | USS Mahan और USS Winston S. Churchill |
| वापसी की तारीख | 19 अप्रैल 2026 |
| कुल तैनाती समय | 295 दिन (रिकॉर्ड) |
| तैनाती की शुरुआत | जून 2025 |
| हादसा | 12 मार्च 2026 को पोत में आग लगी |
| क्षेत्र में अन्य पोत | USS Abraham Lincoln और USS George H.W. Bush |