अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। अमेरिकी सरकार ने नए आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान किया है ताकि ईरान की सैन्य ताकत और उसके पैसों के गलत इस्तेमाल को रोका जा सके। इस कदम से न केवल ईरान बल्कि उसकी मदद करने वाले अन्य देशों पर भी असर पड़ेगा। अमेरिका ने इस पूरे अभियान को ‘Economic Fury’ नाम दिया है।

अमेरिका ने ईरान पर कौन से नए प्रतिबंध लगाए हैं?

US Treasury Department ने अमेरिकी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अलर्ट जारी किया है। सरकार ने कहा है कि ईरान के मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर कड़ी नजर रखी जाए जो शेल कंपनियों और क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन नेटवर्कों के जरिए ईरान प्रतिबंधित तेल की तस्करी करता है। बैंकों को खास तौर पर Malaysian blend नाम से बिकने वाले तेल पर ध्यान देने को कहा गया है क्योंकि ईरान अपने तेल की पहचान छिपाने के लिए इस नाम का इस्तेमाल करता है। इसके अलावा, शिप-टू-शिप तेल ट्रांसफर और फर्जी शिपिंग डॉक्यूमेंट्स की भी जांच की जाएगी।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सीजफायर प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?

President Donald Trump ने ईरान के ताजा सीजफायर प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताकर खारिज कर दिया। ईरान ने मांग की थी कि अमेरिका उसके ऊपर से सभी प्रतिबंध हटाए, नौसेना की नाकेबंदी खत्म करे और ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस करे। वहीं अमेरिका की शर्त है कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकना होगा और Strait of Hormuz को व्यापारिक जहाजों के लिए फिर से खोलना होगा। इस बीच, UK की विदेश मंत्री Yvette Cooper ने भी उन लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं जो ईरान की दुश्मन गतिविधियों में मदद कर रहे थे।

किन देशों और कंपनियों पर कार्रवाई की गई है?

US Department of the Treasury और State Department ने मिलकर 11 संस्थाओं और 3 लोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें चीन, इराक, बेलारूस और UAE के कुछ नाम शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने ईरान को ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम के लिए हथियार और कच्चा माल मुहैया कराया। चीन की कुछ सैटेलाइट कंपनियों पर भी कार्रवाई हुई है क्योंकि उन्होंने ईरान को सैटेलाइट इमेज उपलब्ध कराई थीं।

संस्था या देश कार्रवाई का कारण
चीन की कंपनियां ईरान को सैटेलाइट इमेज देना
इराक के अधिकारी तेल क्षेत्र का गलत इस्तेमाल कर ईरान की मदद करना
UAE और बेलारूस सैन्य खरीद में मदद करना
ईरान (IRGC) मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम चलाना

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका का ‘Economic Fury’ कैंपेन क्या है?

यह अमेरिका का एक अभियान है जिसका मकसद ईरान के हथियार खरीदने के रास्तों को बंद करना और उसके अवैध वित्तीय नेटवर्क को खत्म करना है।

Strait of Hormuz को लेकर क्या विवाद है?

यह समुद्री रास्ता फिलहाल काफी हद तक बंद है। अमेरिका चाहता है कि ईरान इसे व्यापारिक जहाजों के लिए फिर से खोले ताकि वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.