US News: अमेरिका में बड़ा दावा, व्हाइट हाउस में ईरान पर न्यूक्लियर अटैक को लेकर चल रही है चर्चा.

अमेरिका की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें दावा किया गया है कि देश के व्हाइट हाउस में ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर अंदरखाने बातचीत चल रही है। 16 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में अमेरिका की पूर्व कांग्रेस महिला Marjorie Taylor Greene ने यह गंभीर बात कही। उनके इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है, क्योंकि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल जैसी बातें बेहद संवेदनशील होती हैं और इससे पूरी दुनिया में तनाव बढ़ सकता है। हालांकि, अपने इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई आधिकारिक दस्तावेज, ठोस सबूत या फिर बैठक में शामिल किसी खास अधिकारी का नाम साझा नहीं किया। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।
ट्रंप प्रशासन पर लगे खुफिया रिपोर्ट को नजरअंदाज करने के आरोप
पूर्व कांग्रेस महिला ने ट्रंप प्रशासन पर यह भी आरोप लगाया कि वह इजराइल की चेतावनियों को बहुत ज्यादा अहमियत दे रहा है। उनका कहना था कि प्रशासन अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की उन रिपोर्ट्स को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रहा है, जिनमें यह साफ कहा गया है कि ईरान अभी परमाणु हथियार बनाने की क्षमता के करीब नहीं पहुंचा है। यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य पूर्व यानी मिडिल ईस्ट में पहले से ही हालात काफी खराब और तनावपूर्ण बने हुए हैं। हाल ही में ईरानी सेना के प्रमुख Amir Hatami ने एक बड़ी धमकी दी थी, जिसमें उन्होंने अमेरिकी सैनिकों पर इनाम रखने की बात कही थी और मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सेना के पूरी तरह बाहर जाने की अपनी मांग को फिर से दोहराया था।
अमेरिकी सरकार की तरफ से नहीं आया कोई आधिकारिक बयान
इन तमाम गंभीर आरोपों और बयानों के बीच अमेरिकी सरकार की तरफ से अभी तक कोई भी आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है। व्हाइट हाउस या किसी भी सरकारी विभाग ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि ऐसी कोई नीतिगत बैठक हुई है या ईरान के खिलाफ परमाणु रणनीति पर कोई विचार चल रहा है। इस तरह के बयानों से आम लोगों के मन में भी डर का माहौल बन जाता है, लेकिन जब तक सरकार की तरफ से कोई ठोस बात न कही जाए, तब तक इन बातों को केवल दावों के रूप में ही देखा जा रहा है। दुनिया भर की नजरें अब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इस कूटनीतिक तनाव पर टिकी हुई हैं।