अमेरिका के अधिकारियों ने एक बड़ी खबर साझा की है। उनका कहना है कि ईरान चुपके से अपनी सैन्य ताकत को फिर से बढ़ा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान उन मिसाइलों और गोला-बारूद को मलबे से बाहर निकाल रहा है जो पिछले हमलों में दब गए थे, ताकि अगर राष्ट्रपति ट्रंप दोबारा युद्ध शुरू करें तो वह जवाबी हमला कर सके।

ईरान की सैन्य ताकत और अमेरिकी खुलासे की असलियत क्या है?

अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने CBS News को बताया कि ईरान के पास उतनी ताकत बची है जितनी व्हाइट हाउस या पेंटागन ने सार्वजनिक रूप से बताई थी उससे कहीं ज्यादा। अप्रैल की शुरुआत तक ईरान के करीब आधे बैलिस्टिक मिसाइल और उनके लॉन्च सिस्टम सही सलामत थे। सैटेलाइट तस्वीरों से भी पता चला है कि ईरान भारी मशीनों का इस्तेमाल कर उन भूमिगत बेस के रास्ते खोल रहा है जो अमेरिकी और इजरायली हमलों में मलबे से भर गए थे।

ट्रंप सरकार और ईरान के नेताओं का इस पर क्या कहना है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा था कि अगर अमेरिका ईरान को छोड़ता है तो उसे दोबारा अपनी ताकत खड़ी करने में 20 साल लगेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह युद्ध जीत चुका है। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिकी नौसेना द्वारा ports पर लगाई गई नाकेबंदी को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ और नाकाम होने वाला बताया। सीनेटर जॉन कैनेडी ने चेतावनी दी कि ईरान मिसाइलों और ड्रोन का बड़ा भंडार जमा कर रहा है ताकि वह किसी भी नए हमले को रोक सके।

युद्ध और शांति की संभावनाओं पर क्या अपडेट है?

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि युद्ध के लिए जरूरी 60 दिनों की समय सीमा फिलहाल सीजफायर के दौरान रुकी हुई है। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) का मानना है कि ईरान इस शांति के समय का इस्तेमाल अपनी ड्रोन और मिसाइल क्षमता बढ़ाने के लिए कर रहा है और वह अमेरिका के सामने बड़ी रियायतें देने के मूड में नहीं है। इस पूरे तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भी उछाल देखा गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान की सारी मिसाइलें नष्ट हो गई थीं

नहीं, अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक केवल एक तिहाई मिसाइलें नष्ट हुई थीं, जबकि बाकी या तो सुरक्षित थीं या मलबे के नीचे दबी हुई थीं।

ईरान मलबे से मिसाइलें क्यों निकाल रहा है

ईरान अपनी सैन्य क्षमता को फिर से बहाल करना चाहता है ताकि भविष्य में किसी भी अमेरिकी हमले का जवाब दे सके और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके।