अमेरिका के पास इमरजेंसी के लिए रखा गया तेल अब बहुत कम बचा है। ईरान के साथ चल रही जंग की वजह से ट्रंप सरकार ने आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए बहुत सारा तेल बाजार में उतार दिया है। अब तेल का यह स्टॉक 1983 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

अमेरिकी सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 12 जून 2026 तक Strategic Petroleum Reserve (SPR) में केवल 340.3 मिलियन बैरल कच्चा तेल बचा था। यह स्तर राष्ट्रपति जो बाइडन के समय जुलाई 2023 में दर्ज किए गए निचले स्तर से भी कम है। आखिरी बार तेल का भंडार इस तरह गिरा था जब रोनाल्ड रीगन की सरकार थी।

बढ़ रही है चिंता

American Petroleum Reserve के CEO माइक सोमरस ने चेतावनी दी है कि इस सिस्टम को चालू रखने के लिए भंडार का कम से कम 20% भरा होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अब हम ऐसे स्तर पर पहुंच रहे हैं जहां चिंता होना स्वाभाविक है।

वहीं Lipow Oil Associates के प्रेसिडेंट एंडी लिपोव ने बताया कि अमेरिका और अन्य देशों ने जो तेल बाजार में छोड़ा है, उसी की वजह से अब तक तेल की कीमत 150 डॉलर तक नहीं पहुंची। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मेक्सिको की खाड़ी में कोई बड़ा तूफान आता है और उत्पादन रुकता है, तो अब हमारे पास कोई बैकअप नहीं बचेगा।

तेल भंडार से जुड़े मुख्य आंकड़े

विवरण आंकड़े/जानकारी
वर्तमान स्टॉक (12 जून 2026) 340.3 मिलियन बैरल
पिछली बार इतना कम स्तर जुलाई 1983 (रीगन युग)
पिछले हफ्ते जारी तेल 8.9 मिलियन बैरल
फरवरी 2026 से कुल कमी 75 मिलियन बैरल
कुल प्रतिशत गिरावट 18 प्रतिशत
न्यूनतम जरूरी स्तर 20 प्रतिशत (ऑपरेशनल के लिए)
पिछला रिकॉर्ड लो जुलाई 2023 (बाइडन युग)

बताया गया है कि ट्रंप प्रशासन इस साल के मिडटर्म चुनावों से पहले और भी तेजी से इस इमरजेंसी भंडार का इस्तेमाल कर रहा है। फरवरी के अंत में ईरान के साथ जंग शुरू होने के बाद से अब तक भारी मात्रा में तेल निकाला गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.