अमेरिका ने ईरान के खिलाफ शुरू किया आर्थिक युद्ध, यूएई और दूसरे देशों में हड़कंप.

Aanya24 August 20262 min read63 viewsUAE
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ शुरू किया आर्थिक युद्ध, यूएई और दूसरे देशों में हड़कंप.

अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने हाल ही में ईरान को दुनिया की अर्थव्यवस्था से पूरी तरह अलग करने के लिए एक नए वित्तीय अभियान का ऐलान किया है। इस बड़े कदम को Operation Economic Outcast नाम दिया गया है, जिसके तहत आने वाले दिनों में एक बड़े वित्तीय संस्थान पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाने की पूरी तैयारी है। अमेरिकी सरकार ने साफ कर दिया है कि जो भी संस्था या देश ईरान के लिए मनी लॉन्ड्रिंग में मदद करेगा, उसे अमेरिकी डॉलर सिस्टम से हमेशा के लिए बाहर कर दिया जाएगा। इस सख्त चेतावनी के बाद से खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल काफी तेज हो गई है।

अमेरिका ने इन पांच सेक्टरों पर कसा शिकंजा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जो भी देश तेहरान को किसी भी तरह का सहारा देगा, उसे इसके बहुत बुरे आर्थिक नतीजे भुगतने होंगे। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने प्रतिबंधों के दायरे को और बढ़ाते हुए पांच अहम सेक्टरों को इसमें शामिल किया है, जिसमें डिजिटल एसेट्स, टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग शामिल हैं। इसके साथ ही ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल यानी OFAC ने एक ही दिन में 60 से ज्यादा संस्थाओं, व्यक्तियों और जहाजों को अपनी ब्लैकलिस्ट में डाल दिया है। इस कार्रवाई की चपेट में आने वालों में ईरान का Shahr Bank और दुबई की दो एक्सचेंज कंपनियाँ Titan Exchange और Alps International भी शामिल हैं। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE, हांगकांग, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड और चीन जैसे देशों में सक्रिय ब्रोकर और शैडो फ्लीट जहाजों पर भी शिकंजा कसा गया है। आधिकारिक जानकारी के लिए आप OFAC Sanctions Programs की वेबसाइट पर जा सकते हैं।

ईरान की तीखी प्रतिक्रिया और खाड़ी देशों पर असर

अमेरिका के इस कदम के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन सभी नए उपायों को सभी राष्ट्रों के खिलाफ युद्ध की घोषणा बताया है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख Mohsen Rezaei ने बयान दिया कि जो भी देश इन प्रतिबंधों में हिस्सा लेगा, उसे दुश्मन माना जाएगा और उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा। दूसरी तरफ, ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने अमेरिकी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। इस बढ़ते तनाव और geopolitical दबाव के बीच यूएई यानी संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को पूरी तरह खत्म करने का संकेत दिया है, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और कारोबारियों पर भी इसका असर पड़ना तय है।

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