Strait of Hormuz में तनाव बहुत बढ़ गया है और हालात गंभीर हो चुके हैं. अमेरिका ने जहाजों की सुरक्षा के लिए ‘Operation Freedom’ शुरू किया है, वहीं ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से बड़े हमले किए हैं. इस बीच चीन और अमेरिका के रिश्तों में भी खींचतान देखने को मिल रही है, जिससे पूरी दुनिया की नजरें अब इस इलाके पर टिकी हैं.
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Operation Freedom और ईरान के हमले: क्या हुआ 4 मई को?
4 मई 2026 को राष्ट्रपति Donald Trump ने ‘Operation Freedom’ (जिसे प्रोजेक्ट फ्रीडम भी कहा गया) की शुरुआत की. इसका मकसद Strait of Hormuz से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना था. अमेरिकी नौसेना ने जहाजों को बारूदी सुरंगों (mines) से बचने की सलाह दी और हमले रोकने के लिए तैनात रही.
- अमेरिकी कार्रवाई: अमेरिकी सेना ने ईरानी क्रूज मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही रोक दिया. साथ ही, आर्मी के Apache हेलीकॉप्टरों ने ईरान की 6 सैन्य स्पीडबोट्स को डुबो दिया.
- UAE पर असर: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने बताया कि ईरान की तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमले हुए, जिससे Fujairah Oil Industry Zone में आग लग गई और एक तेल टैंकर पर भी हमला हुआ.
- CENTCOM की रिपोर्ट: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि दो अमेरिकी जहाजों ने सफलतापूर्वक इस इलाके को पार किया.
चीन और अमेरिका के बीच कूटनीतिक टकराव
एक तरफ ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ अपने रिश्तों की तारीफ की, वहीं दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच तनाव भी बना रहा. 2 मई को चीन के कॉमर्स मंत्रालय ने अमेरिका द्वारा 5 चीनी तेल कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंधों को मानने से इनकार कर दिया और इसे गैरकानूनी बताया.
5 मई को चीनी राजदूत Fu Cong ने चेतावनी दी कि राष्ट्रपति ट्रंप की बीजिंग यात्रा के दौरान Hormuz Strait का संकट मुख्य मुद्दा होगा. उन्होंने अमेरिका से ईरान के खिलाफ नाकाबंदी हटाने की मांग की. वहीं, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने चीन पर आरोप लगाया कि वह ईरानी ऊर्जा खरीदकर आतंकवाद को फंड दे रहा है और चीन को ईरान के साथ बातचीत करने की सलाह दी.
शांति प्रस्ताव और मौजूदा स्थिति
ईरान का विदेश मंत्रालय राष्ट्रपति ट्रंप के एक शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा था. इस प्रस्ताव में संघर्ष को 30 दिनों के लिए खत्म करने, अमेरिकी सैनिकों की वापसी और ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस करने की बात थी, लेकिन बाद में राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद इसे स्वीकार करने से मना कर दिया.
अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने 5 मई को साफ किया कि ‘Project Freedom’ एक अस्थायी मिशन है. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम अभी भी कायम है और अमेरिकी जहाजों पर हुए हमलों के बावजूद स्थिति नियंत्रण में है. ईरानी संसदीय स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने संकेत दिया कि Strait के लिए एक नया समीकरण तैयार किया जा रहा है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Operation Freedom क्या है और इसे क्यों शुरू किया गया?
यह अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा 4 मई 2026 को शुरू किया गया एक सैन्य अभियान है. इसका मकसद Strait of Hormuz में कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना और ईरानी हमलों से बचाना है.
ईरान और UAE के बीच क्या हुआ?
ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से हमले किए, जिसके कारण UAE के Fujairah Oil Industry Zone में आग लग गई और एक तेल टैंकर को निशाना बनाया गया.
चीन का इस विवाद में क्या स्टैंड है?
चीन ने अमेरिकी प्रतिबंधों को खारिज कर दिया है और अमेरिकी नाकाबंदी को हटाने की मांग की है. चीन का कहना है कि यह संकट ट्रंप की बीजिंग यात्रा का मुख्य मुद्दा होगा.