अमेरिका-पाकिस्तान की बढ़ती दोस्ती से भारत पर असर, पूर्व अमेरिकी राजदूत Kenneth Juster ने दी चेतावनी
अमेरिका के पूर्व राजदूत Kenneth Juster ने एक बड़ी बात कही है. उन्होंने बताया कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच सुधरते रिश्ते भारत के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं. अगर भविष्य में पाकिस्तान की तरफ से कोई बड़ा आतंकी हमला होता है, तो भारत अपनी रणनीति तय करते समय अमेरिका के रुख को देख सकता है.
अमेरिका और पाकिस्तान की दोस्ती भारत के लिए क्यों चिंता की बात है?
Kenneth Juster ने Hudson Institute के एक कार्यक्रम में कहा कि पाकिस्तान अमेरिका को अपनी तरफ खींचने में कामयाब रहा है. पाकिस्तान अब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है. Juster के मुताबिक, भारत को शक हो सकता है कि अगर वह पाकिस्तान के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाता है, तो क्या अमेरिका उसका साथ देगा या नहीं. उन्होंने इसके लिए पुलवामा और बालाकोट जैसी पुरानी घटनाओं का उदाहरण दिया.
आतंकवाद पर अमेरिका की रिपोर्ट और ताजा बयान
US Congressional Research Service की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान को कई आतंकी गुटों का गढ़ बताया गया है. इस रिपोर्ट में 15 ऐसे संगठनों के नाम हैं जो भारत के खिलाफ हमले करते हैं. वहीं, अमेरिकी सांसद Brad Sherman ने पाकिस्तान से Lashkar-e-Taiba (LeT) और Jaish-e-Mohammed (JeM) जैसे गुटों पर लगाम लगाने को कहा है. उन्होंने 2025 के पहलगाम हमले का जिक्र किया जिसमें 26 लोग मारे गए थे.
पहलगाम हमले के बाद भारत का Operation Sindoor
अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम हमले के बाद भारत ने मई 2025 में Operation Sindoor चलाया था. भारत ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. इस दौरान भारत ने अमेरिका को साफ कह दिया था कि आतंकवाद एक रेड लाइन है. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच करीब 88 घंटे तक सैन्य टकराव चला था, जिसके बाद युद्धविराम हुआ था.