अमेरिका ने ताइवान को 14 अरब डॉलर के हथियार बेचने के सौदे को फिलहाल के लिए टाल दिया है। कार्यवाहक अमेरिकी नौसेना सचिव हंग काओ ने बताया कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध के लिए सैन्य हथियारों और गोला-बारूद को सुरक्षित रखने के मकसद से यह फैसला लिया गया है। इस बड़े फैसले के बाद ताइवान, चीन और अमेरिका के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वे इस सौदे को आगे बढ़ाने के लिए सही समय का इंतजार करेंगे।

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अमेरिका ने ताइवान के साथ हथियार सौदा क्यों रोका?

अमेरिकी सीनेट की सुनवाई के दौरान कार्यवाहक नौसेना प्रमुख हंग काओ ने साफ किया कि ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान ‘Epic Fury’ के लिए हथियारों का स्टॉक बचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास हथियारों की कोई कमी नहीं है, लेकिन वर्तमान सुरक्षा स्थिति को देखते हुए वे अपनी जरूरतों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

इस 14 अरब डॉलर के हथियार पैकेज को अमेरिकी कांग्रेस ने जनवरी 2026 में मंजूरी दी थी। अब इस सौदे पर अंतिम फैसला अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे इस सौदे का इस्तेमाल चीन के साथ बातचीत में एक मोहरे के रूप में भी कर सकते हैं।

इस फैसले पर ताइवान और चीन की क्या प्रतिक्रिया है?

ताइवान की राष्ट्रपति कार्यालय की प्रवक्ता करेन कुओ ने बताया कि उन्हें अमेरिकी प्रशासन से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। वहीं ताइवान के प्रधानमंत्री चो जुंग-तई ने साफ किया है कि ताइवान हथियार खरीदने के अपने प्रयासों को जारी रखेगा ताकि वह अपनी रक्षा कर सके। ताइवान के प्रतिनिधि अलेक्जेंडर युई ने भी कहा कि युद्ध को टालने और अपनी सुरक्षा के लिए ताइवान को मजबूत होना जरूरी है।

दूसरी तरफ, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने अमेरिकी फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजिंग हमेशा से ताइवान को अमेरिकी हथियार बेचे जाने का विरोध करता रहा है और उनका यह रुख आज भी कायम है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी जंग चल रही है?

अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल 2026 को युद्धविराम समझौता हुआ था, लेकिन दोनों देशों के बीच अभी तक कोई स्थायी शांति समझौता नहीं हुआ है। इसी वजह से अमेरिका अपने हथियारों के भंडार को सुरक्षित रखना चाहता है।

क्या ताइवान को हथियार बेचने का यह सौदा पूरी तरह रद्द हो गया है?

नहीं, यह सौदा पूरी तरह रद्द नहीं हुआ है बल्कि इसे अस्थायी तौर पर रोका गया है। अमेरिकी प्रशासन अपनी सुरक्षा जरूरतों की समीक्षा करने के बाद सही समय पर इसे दोबारा शुरू कर सकता है।