अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर पिछले दो हफ्तों से चल रहे बमबारी के अभियान को फिलहाल के लिए रोक दिया है। यह फैसला तनाव को कम करने और बातचीत का रास्ता खोलने के लिए लिया गया है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि अगर कूटनीतिक कोशिशें कामयाब नहीं हुईं, तो वे ईरान के खिलाफ दोबारा कड़ी सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।
बातचीत और विवाद का कारण
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि उनकी सरकार ईरान के साथ गहरे स्तर पर बातचीत कर रही है। इसके साथ ही, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों को हुए नुकसान की भरपाई ईरान की उन संपत्तियों से करने की योजना है, जो अमेरिका के नियंत्रण में हैं। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने सीधे तौर पर अमेरिका से बातचीत की खबरों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि ईरान केवल कतर, पाकिस्तान और ओमान जैसे देशों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है। उन्होंने यह भी दोहराया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य फिलहाल बंद है और उस पर ईरान का नियंत्रण बरकरार है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और ताजा स्थिति
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के आंकड़ों के अनुसार, 27 जुलाई 2026 तक अमेरिका ने अरब सागर में ईरान की नाकेबंदी के दौरान 17 कमर्शियल जहाजों को दूसरी दिशा में भेजा, 2 जहाजों को निष्क्रिय किया और 2 पर कब्जा किया। क्षेत्र की स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। सऊदी अरब और जॉर्डन ने अपने क्षेत्रों में ईरान समर्थित समूहों द्वारा भेजे गए ड्रोन को मार गिराने की सूचना दी है। फिलहाल, ईरान और ओमान के बीच व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए चर्चा जारी है, ताकि समुद्र में आवागमन सुचारू रूप से चल सके।
