अमेरिका ने ताइवान को बेचे जाने वाले 14 अरब डॉलर के हथियारों की डील पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह फैसला ईरान के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष और वहां गोला-बारूद की कमी को देखते हुए लिया गया है। अमेरिकी नौसेना के एक्टिंग सचिव Hung Cao ने सीनेट की एक सुनवाई के दौरान इस बात की पुष्टि की है।

🗞️: New Delhi में जुटेगी दुनिया की ताकत, Quad देशों के विदेश मंत्रियों की बड़ी बैठक 26 मई को, भारत करेगा मेजबानी

हथियारों की बिक्री रोकने की मुख्य वजह क्या है?

अमेरिकी नौसेना के एक्टिंग सचिव Hung Cao ने बताया कि यह फैसला Operation Epic Fury के लिए गोला-बारूद का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के लिए लिया गया है। उन्होंने साफ किया कि विदेशी सैन्य बिक्री तब दोबारा शुरू होगी जब प्रशासन इसे जरूरी समझेगा। इस मामले में अंतिम फैसला वॉर सचिव Pete Hegseth और विदेश मंत्री Marco Rubio लेंगे।

हालांकि, इस मुद्दे पर अलग-अलग बयान भी सामने आए हैं। राष्ट्रपति Donald Trump ने 11 मई को संकेत दिया था कि इस डील का इस्तेमाल चीन के साथ बातचीत में एक सौदेबाजी के तौर पर किया जा सकता है। वहीं, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि Jamieson Greer ने पहले कहा था कि ताइवान को हथियार बेचने की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा स्थिति क्या है?

ईरान के साथ तनाव के बीच कई अहम घटनाक्रम हुए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने 22 मई को ईरान पर होने वाले एक सैन्य हमले को टाल दिया है ताकि बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा सके। इस समय पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है।

  • ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने आदेश दिया है कि ईरान का यूरेनियम देश से बाहर नहीं भेजा जाएगा।
  • ईरान के साथ संघर्ष के दौरान अमेरिका ने अपने कई Reaper drones खो दिए हैं।
  • अमेरिकी हाउस में रिपब्लिकन सदस्यों ने ट्रंप-ईरान युद्ध प्रस्ताव पर वोटिंग को आगे बढ़ा दिया है।

क्या था ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury)?

यह ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल द्वारा चलाया गया एक संयुक्त सैन्य अभियान था। यह ऑपरेशन 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ और 5 मई 2026 को खत्म हुआ। इसका मुख्य मकसद ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को खत्म करना, परमाणु हथियार बनाने से रोकना और वहां की सरकार बदलना था। इस ऑपरेशन के शुरुआती दौर में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खमनेई और 40 से ज्यादा बड़े अधिकारी मारे गए थे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ताइवान की हथियार डील क्यों रोकी?

अमेरिका ने ईरान के साथ संघर्ष (Operation Epic Fury) के लिए अपने गोला-बारूद के स्टॉक को सुरक्षित रखने के लिए 14 अरब डॉलर की इस डील पर रोक लगाई है।

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी क्या था और इसका क्या नतीजा रहा?

यह ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल का संयुक्त सैन्य अभियान था जो फरवरी से मई 2026 तक चला। इसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खमनेई सहित कई बड़े अधिकारियों की मौत हुई।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.