मिडिल ईस्ट में तनाव एक नए मोड़ पर पहुंच गया है और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी Pentagon ईरान के खिलाफ हफ्तों तक चलने वाले जमीनी ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के मुताबिक, अगर राष्ट्रपति Donald Trump इन योजनाओं को मंजूरी देते हैं, तो यह युद्ध का एक बेहद खतरनाक चरण हो सकता है। फिलहाल हजारों अमेरिकी मरीन सैनिकों को इलाके में तैनात किया जा रहा है ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।

क्या है ऑपरेशन Epic Fury और सैनिकों की नई तैनाती?

US Central Command (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि 3,500 मरीन और नाविकों का एक बड़ा दल USS Tripoli जहाज के जरिए इस क्षेत्र में पहुंच चुका है। यह तैनाती Operation Epic Fury को मजबूती देने के लिए की गई है। अधिकारियों का कहना है कि पेंटागन अब ईरान में लंबी अवधि के जमीनी मिशनों के लिए खुद को तैयार कर रहा है। हालांकि यह एक पूर्ण आक्रमण होगा या सिर्फ सीमित कार्रवाई, यह आने वाले वक्त में राष्ट्रपति के आदेश से साफ होगा।

इस फैसले का क्षेत्र और प्रवासियों पर क्या असर हो सकता है?

ईरान के साथ बढ़ते इस तनाव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ने की संभावना है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यह जमीनी मिशन शुरू होता है, तो यह अमेरिकी सैनिकों के लिए अब तक का सबसे जोखिम भरा अभियान साबित हो सकता है। गल्फ देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए भी सुरक्षा के लिहाज से यह एक बड़ी खबर है। युद्ध की स्थिति में उड़ानों और व्यापारिक रूटों पर सीधा असर पड़ता है, जिससे आम जनता की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।

मुख्य विवरण जानकारी
तारीख 29 मार्च 2026
जहाज का नाम USS Tripoli
सैनिकों की संख्या 3,500 मरीन और नाविक
अभियान का नाम Operation Epic Fury
प्रमुख नेतृत्व Pentagon और CENTCOM
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com